गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य एवं कल्याण आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
वह विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ की ओर से संचालित हो रहे ऑनलाइन कार्यक्रम ''योग बंधन-2026'' के दूसरे दिन मंगलवार को प्रतिभागियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखपुर प्राचीन काल से ही हठयोग एवं आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। दूसरे दिन द यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक (यूएसपी) की सक्रिय सहभागिता रही। आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य, वैश्विक सद्भाव तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना था।
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के सहायक आचार्य डॉ. अमित यादव ने ''रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए योग : एक सार्वभौमिक चिकित्सीय दृष्टिकोण'' विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि के रूप में डॉ. आरके प्रजापति, डॉ. तनवीर हैदर नकवी, डॉ. कपिल दवे, रांगी जोसेफ डेविस, एंडे लोवे, सतीब निशा खान, शेरोन घाबूस व जलेसी राबाकेवा आदि ऑनलाइन जुड़े। समन्वयन अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रामवंत गुप्ता ने किया।