गोरखपुर। परिवहन विभाग ने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से इस पर अभियान चलाकर चेकिंग कर जुर्माना लगाने के साथ-साथ कार्रवाई भी की जाएगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संजय कुमार झा ने बताया कि यह कदम ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। निर्देशों के अनुसार, ऐसे उपकरणों की बिक्री या वाहन में फिटिंग करने वाले गैराज और वर्कशॉप संचालकों पर मोटरयान अधिनियम को लेकर प्रति मामले में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में इस तरह का बदलाव कराता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसमें छह माह तक की सजा या पांच हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाने पर तीन माह तक की सजा, दस हजार रुपये तक जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया जा सकता है। ऐसे वाहनों का पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) भी निलंबित की जाएगी।