- राजघाट क्षेत्र के तुर्कमानपुर के रहने वाले थे तीनों किशोर
- नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
- एसडीएम की निगरानी में चला रेस्क्यू, देर शाम मिले तीनों शव
गोरखपुर। राजघाट, राप्ती नदी में मंगलवार दोपहर नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। जानकारी पर एनडीआरएफ और गोताखोरों की ओर से चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान देर शाम तीनों के शव एक-एक कर खोज लिए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर, हांसूपुर, हरिजन बस्ती निवासी सुनील का बेटा हंस उर्फ निक्कू (13), मोहन का बेटा सत्ती (13) और फखरुद्दीन का बेटा इरफान (16) मंगलवार को राजघाट स्थित राप्ती नदी में नहाने गए थे। नहाते समय तीनों किशोर गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी की और एनडीआरएफ टीम को तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ टीम ने सबसे पहले निक्कू और सत्ती के शव नदी से बाहर निकाले। तीसरे किशोर इरफान की तलाश देर शाम तक जारी रही, जिसके बाद उसका शव भी बरामद कर लिया गया।
तीनों किशोरों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घरों में चीख-पुकार गूंज उठी और पूरे तुर्कमानपुर क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। साथ ही मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
डूबने की घटनाओं पर रोकने के लिए शुरू किया जागरूकता अभियान
नदी एवं तालाबों में नहाने के दौरान होने वाली डूबने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस की ओर से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पुलिस टीमों की ओर से नदी घाटों, तालाबों और आसपास स्थित गांवों में जाकर आमजन को सतर्क किया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिसकर्मी ग्रामीणों और अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों को गहरे जलाशयों और नदी में नहाने के लिए न भेजें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके साथ ही संवेदनशील और गहरे घाटों के किनारे चेतावनी संबंधी बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।