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Gorakhpur News: जांच के लिए पहुंची टीम, बंद मिले सीसीटीवी कैमरे

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जेबी महाजन डिग्री कॉलेज चौरीचौरा में कागजों की जांच करती डीडीयू की टीम। संवाद
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- जेबी महाजन डिग्री कॉलेज में एक दिन पहले ही प्रश्न पत्र बंट जाने का मामला
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- जांच समिति ने सौंपी रिपोर्ट, समिति की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सरदारनगर (गोरखपुर)। जेबी महाजन डिग्री कॉलेज में 17 दिसंबर के प्रश्नपत्र 16 को ही बंट जाने के मामले में बृहस्पतिवार को जांच टीम कॉलेज में पहुंची। टीम ने डेढ़ घंटे तक जांच की। जांच में पता चला है कि बिना सीसीटीवी कैमरे के ही वहां परीक्षाएं संचालित हो रही हैं। अन्य भी कई खामियां टीम को मिली है। टीम ने अपनी रिपोर्ट बृहस्पतिवार की देर शाम दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी।
जेबी महाजन डिग्री कॉलेज में 16 नवंबर को बीए तृतीय वर्ष के पांचवें सेमेस्टर अर्थ शास्त्र पेपर कोड ईसीओ-301 की जगह ईसीओ-302 और सीओएम-302 की जगह सीओएम-303 का पेपर वितरित कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने परीक्षा निरस्त करने के साथ ही तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी थी। समिति के सदस्य बृहस्पतिवार को कॉलेज पहुंचे। वहां डेढ़ घंटे तक निरीक्षण के साथ ही अलग-अलग लोगों से पूछताछ की गई।
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कमेटी ने प्राचार्य प्रो. मधुप कुमार और प्रबंधक ईश्वर चंद जायसवाल से भी बात की। बताया जा रहा है कि जांच टीम ने बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई है। निरीक्षण के दौरान पता चला कि कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इसके बाद भी वहां परीक्षा कराई जा रही है। जांच समिति ने सीसीटीवी कैमरे बंद होने को लेकर कई सवाल पूछे? इसके अलावा पेपर का सील खोले जाने के समय कौन-कौन लोग उपस्थित थे? यह चूक कैसे हुई? मामला सामने आने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना देने में देरी कैसे हुई, जैसे सवाल पूछे गए।
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जांच समिति ने कई खामियों का किया जिक्र
सूत्रों के मुताबिक, जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी है। परीक्षा के दौरान कॉलेज में कई स्तरों पर हुई चूक का जिक्र रिपोर्ट में किया गया है। बताया जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट और संस्तुतियों का परीक्षण करने के बाद डीडीयू प्रशासन कड़ा निर्णय ले सकता है।

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कोट
मामले गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट का परीक्षण कर उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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