डीडीयू और सभी कॉलेजों में यूजी और पीजी में होगा अनिवार्य
स्वयम के पाठ्यक्रम लागू होने से ढाई लाख छात्रों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन के क्रम में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, लचीलापन और डिजिटल अधिगम को सुदृढ़ करने की दिशा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने पहल की है। वर्ष 2026 से स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर ''''स्वयम'''' पोर्टल के पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे। यह व्यवस्था सभी कॉलेजों में भी प्रभावी होगी जिससे इसका लाभ लगभग ढाई लाख छात्रों को मिलेगा।
इसके तहत डीडीयू प्रशासन एनईपी-2020 की मिश्रित शिक्षा प्रणाली से विद्यार्थियों को जुड़ने का अवसर देगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से पाठ्यक्रम को कराना है। ''''स्वयम'''' जैसे राष्ट्रीय डिजिटल मंच के माध्यम से विद्यार्थी देश के शीर्ष शिक्षकों और प्रतिष्ठित संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम का 40 प्रतिशत क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे। ''''स्वयम'''' के जरिये प्राप्त क्रेडिट को डीडीयू की अकादमिक व्यवस्था में नियमानुसार समाहित किया जाएगा। इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही महाविद्यालयों के प्राचार्यों को औपचारिक दिशा-निर्देश जारी करेगा।
''''स्वयम'''' पोर्टल के नोडल अधिकारी प्रो. अजय शुक्ल ने बताया कि विद्यार्थियों को ''''स्वयम'''' पाठ्यक्रमों की परीक्षा में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वयम पाठ्यक्रमों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है।
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ऐसे लागू की जाएगी व्यवस्था
''''स्वयम'''' पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में लागू करने के लिए स्नातक स्तर पर क्षमता विकास और कौशल विकास पाठ्यक्रमों का एक पूल तैयार किया जाएगा। विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार पूल में शामिल पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे। यह पाठ्यक्रम अनिवार्य होंगे और विद्यार्थियों की क्षमता, कौशल तथा रोजगारोन्मुख दक्षता को मजबूत करेंगे। पीजी में भी हर सेमेस्टर में प्रत्येक विभाग की ओर से कम से कम एक ''''स्वयम'''' आधारित पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा।
वर्जन''''स्वयम'''' पोर्टल के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के उपयोगी साबित होंगे। इससे पाठ्यक्रमों को पूरा करना आसान हो जाएगा। क्षमता व कौशल विकास का अवसर भी विद्यार्थियों को मिलेगा। सम सेमेस्टर सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू