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Gorakhpur News: निलंबित छात्र नहीं दे सका परीक्षा, आज से आमरण अनशन की चेतावनी

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह से कथित रूप से अभद्रता और धमकी दिए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में निलंबित छात्र चंदन यादव को मंगलवार को परीक्षा हॉल से बाहर निकाल दिया गया। उसने बुधवार से प्रशासनिक भवन पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
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एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं मंगलवार काे शुरू हो गईं। निलंबित छात्र चंदन यादव एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर का ही छात्र है। बताया जा रहा है कि सुबह नौ से 12 बजे तक आयोजित परीक्षा के लिए वह विश्वविद्यालय में पहुंचा था। उसे परीक्षा हॉल से निकाल दिया गया। इसके बाद छात्र ने कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक व नियंता को पत्र लिखकर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच समिति गठित की गई थी। बताया जा रहा है कि जांच समिति ने एक अन्य आरोपी एलएलबी छठवें सेमेस्टर के छात्र राहुल कुमार को बरी कर दिया था। इसके बाद उसे परीक्षा फॉर्म भरने और परीक्षा की अनुमति दी गई थी, जबकि चंदन का निलंबन विचाराधीन था। जांच समिति ने परीक्षा को देखते हुए बीते दो मई को बैठक की। बैठक में समिति ने निर्णय लिया कि अस्थायी रूप से चंदन को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। परीक्षा नियंत्रक से सद्भावनापूर्वक विचार की संस्तुति भी की गई थी। छात्र का आरोप है कि जांच समिति की संस्तुतियों को दरकिनार करते हुए परीक्षा फॉर्म तक नहीं भरने दिया गया। निलंबित छात्र ने कहा कि वह मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रहा है।
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नियंता डॉ. टीएन मिश्र ने बताया कि इस मामले में जांच समिति ने छात्रहित में निलंबित छात्र को परीक्षा में बैठने देने के लिए अस्थायी अनुमति की संस्तुति की थी।

यह है मामला

छह अप्रैल को एलएलबी के छात्र चंदन व राहुल परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में गए थे। उन पर परीक्षा नियंत्रक से अभद्रता के साथ ही धमकी भी दिए जाने पा आरोप लगा था। इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नियंता ने दोनों छात्रों को निलंबित कर दिया था।
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