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सुबह 5:30 से अदा की जाएगी ईद-उल-अजहा की नमाज

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देर रात तक चला खरीदारी का सिलसिला, होता रहा बकरों का मोलभाव
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गोरखपुर। अल्लाह की राह में कुर्बानी देने का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) बृहस्पतिवार को अकीदत, मुहब्बत व परंपरा के अनुसार मनाया जाएगा। कुर्बानी का सिलसिला 28, 29 व 30 मई तक चलेगा। वहीं, नमाज का सिलसिला सुबह 5:30 से शुरू होकर 10:30 तक चलेगा। कुर्बानी को लेकर मुसलमानों में खूब उत्साह नजर आया। सोशल मीडिया पर मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू करने का सिलसिला देर रात से ही शुरू हो गया।

शहर की ईदगाहों व मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए ईदगाह और मस्जिद कमेटियों ने खास तैयारी की है। भीड़ को देखते हुए सफाई, चटाई व दरी का इंतजाम किया गया है। ईद-उल-अजहा की नमाज सबसे पहले सुप्पन खां मस्जिद खूनीपुर में सुबह 5:30 बजे अदा की जाएगी। वहीं, सबसे अंत में सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला बसंतपुर में सुबह 10:30 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज होगी। इसके अलावा शहर की सभी ईदगाहों व मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
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ईद-उल-अजहा के लिए बुधवार को बाजारों में रौनक रही। देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। मेहमानों के लिए लजीज पकवानों और सेवई खिलाने के लिए सामानों की खरीदारी की गई। महंगाई का असर कुर्बानी के जानवरों पर नजर आया। 10 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक जानवरों की बोली लगाई गई, लेकिन 70-75 हजार रुपये तक के जानवर बाजार में बिके। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ज्यादा जानवर लेकर आए। कुर्बानी के जानवरों के महंगे होने की वजह से मध्यम वर्गीय परिवारों को थोड़ी दिक्कत हुई। सलमान, शाहरूख, टाइगर, सुल्तान नाम के बकरे कद, काठी, रंग, नस्ल, वजन व कीमत की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। गोरखनाथ पुराने मछली दफ्तर के पास, रसूलपुर, इलाहीबाग, खूनीपुर, जामा मस्जिद उर्दू बाजार, शाह मारूफ, रेती चौक देसी व अन्य नस्ल के बकरों से गुलजार रहा।


कपड़ों की खरीदारी भी हुई
ईद-उल-अजहा में मुसलमान कुर्बानी के जानवरों की खरीदारी के साथ नए कपड़े खरीदने के लिए भी भीड़ उमड़ी। बुधवार को गीता प्रेस, घंटाघर, शाह मारूफ, रेती, गोलघर आदि क्षेत्रों में काफी लोग पहुंचे। जहां बड़े कुर्ता पायजामा खरीदते नजर आए, वहीं बच्चे जींस, टी-शर्ट लेते दिखे। महिलाएं सलवार-सूट लेती दिखीं।

यहां होगी सामूहिक कुर्बानियां

रहमतनगर, तुर्कमानपुर, अस्करगंज, बक्शीपुर, रसूलपुर, सिधारीपुर, दीवान बाजार, इलाहीबाग, जाफरा बाजार, निजामपुर, सिधारीपुर सहित तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर भैंस व पड़वा की सामूहिक कुर्बानी होगी।
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अमन शांति से मनाएं त्योहार, साफ सफाई का खास ध्यान रखें : उलमा किराम
शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि अल्लाह को कुर्बानी प्यारी है। मुसलमानों के लिए बेहतर है कि दसवीं जिलहिज्जा को नमाज से पहले कुछ न खाएं। गुस्ल करें। साफ सुथरे या नए कपड़े पहनें। खुशबू लगाएं। ईदगाह को तकबीरे तशरीक बुलंद आवाज से कहते हुए एक रास्ते से जाएं और दूसरे रास्ते से वापस आएं फिर कुर्बानी करें। मुफ्ती मेराज अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, हाफिज रहमत अली निजामी, मौलाना महमूद रजा कादरी आदि ने सफाई का खास ख्याल रखने की अपील की। कुर्बानी के समय वीडियो और फोटो बिल्कुल न बनाने और न ही सोशल मीडिया पर डालने का सुझाव दिया। भाईचारे व मुहब्बत को आम करने के साथ गरीब व जरूरतमंदों की मदद करने की भी अपील की गई।
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