गोरखपुर। अभियंता सिर्फ तकनीकी समस्याओं का समाधान करने वाले विशेषज्ञ नहीं बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कर्ता-धर्ता हैं। बदलती तकनीक के दौर में विद्यार्थियों को तकनीक के उपभोक्ता बनने के बजाय समाज की वास्तविक जरूरतों के समाधान विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य यांत्रिक अभियंता और एमएमएमयूटी के पूर्व छात्र इंजीनियर अमरीश प्रकाश पांडे ने सोमवार को छात्र क्रियाकलाप परिषद की ओर से भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया की जयंती पर आयोजित अभियंता दिवस समारोह में कहा कि तकनीकी ज्ञान का महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक परिणाम देने में हो।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के बीच युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ नवाचार, प्रयोग और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करनी होगी। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान सहित तकनीकी क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां देश की वैज्ञानिक और अभियंत्रण क्षमता का प्रमाण हैं। इंजीनियरिंग केवल मशीनों और तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।