गोरखपुर। कैंट स्टेशन से नरकटियागंज तक जाने वाली (55048) पैसेंजर ट्रेन को पिपराइच स्टेशन पर रोकने के बजाए ग्रीन सिग्नल दे दिया गया, जबकि ट्रेन को स्टेशन पर रुकना था। आउटर पर ग्रीन सिग्नल देख लोको पायलट ने गार्ड को जानकारी देकर ट्रेन को होम सिग्नल के पहले रोक दिया। गार्ड और लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। करीब 40 मिनट बाद पिपराइच स्टेशन पर ट्रेन को सही ट्रैक पर लाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। रेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
जानकारी के अनुसार, छावनी-नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय शाम 6.30 बजे से 45 मिनट देरी से 7.15 बजे रवाना हुई। ट्रेन अभी पिपराइच स्टेशन पहुंचने वाली थी कि स्टेशन कंट्रोल रूम से ग्रीन सिग्नल (बिना रुके चलने का संकेत) दे दिया गया। ग्रीन सिग्नल देखते लोको पायलट चौंक गया और तत्काल इसकी जानकारी गार्ड को दी। गार्ड और लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को होम सिग्नल के पहले रोक लिया। सूचना मिलते ही ट्रेन को प्लेटफाॅर्म नंबर तीन पर ले जाने की कोशिश शुरू कर दी गई। रात करीब 8:50 बजे पैसेंजर ट्रेल पिपराइच रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुई। यहां आने के बाद तय समय के अनुसार रोकने के बाद ट्रेन आगे की तरफ रवाना कर दी गई।
इस संबंध में सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि अगर इस तरह की लापरवाही हुई तो इसकी जांच कराई जाएगी। अगर मामला सही मिला तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।