गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय में ''नवोन्मेष : द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन'' नाम से इन्क्यूबेशन सेंटर/कंपनी का कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के तहत धारा-8 के तहत पंजीकरण हो गया है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय में स्टार्टअप, शोध आधारित उद्यम और नवाचार गतिविधियों को संस्थागत स्वरूप मिल गया है। यह केंद्र छात्रों, शोधार्थियों और नवप्रवर्तकों को उनके अभिनव विचारों को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय परामर्श व नेटवर्किंग की सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
संस्था के संचालन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से एक निदेशक मंडल बनाया गया है, जिसकी प्रमुख कुलपति प्रो. पूनम टंडन हैं। कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जयमंगल राव, सहायक आचार्य डाॅ. राजू कुमार गुप्ता, डाॅ. अंशु गुप्ता भी निदेशक मंंडल में हैं। डीडीयू प्रशासन के अनुसार, कंपनी को आवश्यक लाइसेंस एवं प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिससे इसकी औपचारिक शुरुआत सुनिश्चित हो गई है।
कंपनी के निदेशक डॉ. राजू कुमार गुप्ता ने बताया कि यह केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा तथा उन्हें स्टार्टअप जैसी राष्ट्रीय पहलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह फाउंडेशन नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित होगा और क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि नवोन्मेष फाउंडेशन की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल विश्वविद्यालय में नवाचार संस्कृति को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक सिद्ध होगी।