गोरखपुर के नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन निर्माण के दौरान शुक्रवार को रुस्तमपुर में तीन मंजिला मकान गिरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नाला निर्माण के दौरान लापरवाही से मकान गिरा है, जबकि लोक निर्माण विभाग के अफसर मकान को ही जर्जर बता रहे हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरा के फुटेज से ही मकान के गिरने की वजह सामने आएगी।
मकान मालिक के पुत्र प्रखर पांडेय ने बताया कि नाला निर्माण को बेतरतीब होता देख उन्होंने चार दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया था। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उनका तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर गया। गनीमत रहा कि उस दौरान नाला निर्माण कार्य में लगे मजदूर वहां नहीं थे, इस कारण बड़ा हादसा टल गया, जबकि मकान पहले से ही खाली था।
प्रखर के अनुसार, नाला निर्माण के दौरान उन्होंने मकान के आगे का हिस्सा तोड़वाया और मजबूत पिलर बनाए थे। उनका आरोप है कि नाले की खोदाई के दौरान जेसीबी से मिट्टी हटी तो गली की दीवार पाइपलाइन पर गिर गई और पाइपलाइन फट गई। तेजी से पानी निकलने लगा, जिससे नीचे की मिट्टी दरकने लगी।
इसी दौरान मकान गिर गया। उन्हें भय था कि नाला में पानी भरने से कहीं डॉ. अजय मौर्य और उनका दूसरा मकान भी न गिर जाए।
उनकी शिकायत के बाद आपूर्ति बंद कर पंपिंग सेट से पानी निकाला गया। मकान से सटे करीब 15 फिट गहरा नाला खोदा गया था और मकान तीन मंजिला था, उसमें पानी से मिट्टी हटी तो मकान गिर गया। इस मामले लोक निर्माण विभाग के एई रंजन सिंह का कहना है कि मकान क्षतिग्रस्त था। मकान मालिक को इसके बारे में जानकारी भी दी गई थी। मकान गिरने के बाद पाइपलाइन के पानी से नाले में पानी भरा था।