गोरखपुर। चिलुआताल थाना पुलिस ने वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फूडकोर्ट के नाम पर 1.58 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में महाराष्ट्र के नंदुरबार निवासी काजल निलेश कुमार दवे को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भिजवा दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह झारखंड के टाटानगर निवासी मुख्य आरोपी विभांशु वैभव मिश्रा के साथ मिलकर निजी कंपनी से रकम हड़पने में सहयोगी थी। मुख्य आरोपी विभांशु पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
पीड़ित मेसर्स अदीप लीजर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक शुभम बथवाल ने बताया कि कंपनी ने वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की लीज मेसर्स ई-बायोस्कोप इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड से ली थी। योजना थी कि परिसर में नौका विहार, रेल विहार और अन्य मनोरंजन सुविधाओं के साथ एक आधुनिक फूडकोर्ट विकसित किया जाएगा।
फूडकोर्ट संचालन के लिए 13 अक्तूबर 2024 को मेसर्स वीवीएम-21 हॉस्पिटैलिटी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विभांशु वैभव मिश्रा के साथ लेटर ऑफ इंटेंट और फूडकोर्ट लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद पीड़ित कंपनी ने कुल 1.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
आरोपी ने भुगतान के बदले नजीर फूड्स, बास्किन-रॉबिन्स, हाउस ऑफ कैंडी, रोल्स सिंह, द बेल्जियन वफल कंपनी, फ्लेवर्स ऑफ लखनऊ, चाय का, द वफल कंपनी और एनएस फूड्स जैसे नामी ब्रांड्स के फर्जी दस्तावेज दिखाए। जब सीधे ब्रांड्स से संपर्क किया तो पता चला कि कोई भी ब्रांड आरोपी के साथ समझौता नहीं कर रहा था।
आरोपी ने लगातार काम शुरू करने का भरोसा दिया, लेकिन फूडकोर्ट कभी शुरू नहीं हुआ। 13 अगस्त 2025 को आरोपी ने 44.04 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद उसने 10 लाख और लिए।
थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि युवती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।