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Gorakhpur News: आग से बचाव के उपाय नहीं मिलने पर सात कोचिंग सेंटर सील

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जीडीए ने जांच के बाद दो दिन पहले दिया था नोटिस
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सुधार नहीं होने पर जीडीए की टीम ने की कार्रवाई


गोरखपुर। अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भवन संबंधी नियमों के उल्लंघन पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। जीडीए की टीम ने शहर के सात कोचिंग संस्थानों और एक लाइब्रेरी को सील कर दिया। इन संस्थानों को दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन संतोषजनक जवाब और आवश्यक सुधार नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की।
लखनऊ अग्निकांड की घटना के बाद जीडीए की ओर से शहर में अवैध निर्माण, बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित व्यावसायिक भवनों, बेसमेंट और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर गठित प्रवर्तन टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया।
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पहले चरण की जांच में करीब 65 प्रतिशत भवनों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इनमें स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग और फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
शुक्रवार को छात्रसंघ चौराहे पर स्थित श्रीराम आईएएस कोचिंग सेंटर, हरिओम नगर के एसटी कोचिंग सेंटर, एसएससी मेकर कोचिंग सेंटर, बुद्धा कोचिंग सेंटर और पिलर कोचिंग सेंटर, अशोकनगर बशारतपुर स्थित फ्लाई हाई क्लासेस कोचिंग सेंटर और रेल विहार कॉलोनी, राप्तीनगर स्थित सियाराम लाइब्रेरी को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सील कर दिया।
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इन क्षेत्रों में चलाया गया अभियान
जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि पिछले तीन दिनों के अभियान में 81 भवन संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बावजूद जिन संस्थानों ने आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए और न ही अग्नि सुरक्षा सहित अन्य कमियों को दूर किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने हरिओम नगर, छात्रसंघ चौराहा, पादरी बाजार, शिवपुर शाहबाजगंज, गांधी गली गोलघर और असुरन से राप्तीनगर चौराहे तक के क्षेत्रों में अभियान चलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण, मानचित्र के विपरीत उपयोग और भवन मानकों के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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