नॉनवेज के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। मंडी में लहसुन की नई फसल की आवक शुरू होने से इसके दाम में 60 से 80 रुपये किलो की गिरावट आ गई है। यानि थोक मंडी में लहसुन 260 से 320 रुपये किलो तक बिक रहा लहसुन 180 से 230 रुपये तक बिकने लगा। इसका असर खुदरा बाजारों में कुछ दिनों में दिखने लगेगा। इसके बाद लोगों को राहत मिलेगी।
दरअसल, बिना मौसम बारिश के कारण लहसुन की फसल खराब हो गई थी। ऐसे में जब लगन का सीजन शुरू हुआ तो लहसुन की मांग अचानक से बढ़ गई। सबसे अधिक उत्पादन वाले राज्य मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी लहसुन महंगा हो गया है। मांग की तुलना में आवक नहीं होने से लहसुन के दाम स्थानीय मंडी में आसमान पर पहुंच गए थे।
खुदरा में तो लहसुन ने सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए थे। खुदरा बाजार में लहसुन की कीमत 400 से 500 रुपये किलो के बीच पहुंच गई थी।
एक सप्ताह में आधे हो जाएंगे दाम
लहसुन के थोक व्यापारी मुन्ना ने बताया कि मंडी में मध्य प्रदेश में असमय बारिश के कारण लहसुन के दाम बढ़े थे, लेकिन अब नई फसल की आवक शुरू हो गई है। शनिवार को मध्य प्रदेश से लहसुन की चार गाड़ियां मंडी में आई। इससे लहसुन के दाम में 180 से 230 रुपये किलो के बीच बिका।
बताया कि अब लहसुन के दाम में गिरावट जारी रहेगी। उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में लहसुन की कीमत 100 रुपये किलो के आसपास आ जाएगी। इससे करीब आठ महीने बाद लोगों को 100 रुपये किलो से कम दाम पर लहसुन मिलेगा।