गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद में नया मोड़ आया है। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने नवंबर-2025 में जारी विश्वविद्यालय की अंतिम वरिष्ठता सूची को निरस्त कर दिया है।
यह कार्रवाई प्रो. आरपी सिंह और प्रो. श्रीवर्धन पाठक के बीच वरिष्ठता निर्धारण के विवाद के चलते की गई है।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि दोनों शिक्षकों की वरिष्ठता का पुनर्निर्धारण कर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, मामला कार्यकारिणी परिषद के समक्ष रखा जाना तय माना जा रहा है। अंतिम निर्णय कार्यकारिणी की स्वीकृति के बाद ही लागू होगा।
प्रो. आरपी सिंह लंबे समय से जन्मतिथि के आधार पर वरिष्ठता तय किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रयागराज हाईकोर्ट और राज्यपाल कार्यालय तक लगातार पैरवी की। कुलाधिपति के आदेश के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि कई साल से लंबित यह विवाद निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा और विश्वविद्यालय में वरिष्ठता सूची का मामला स्थायी रूप से सुलझ सकेगा।