गोरखपुर। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे को बड़ी उपलब्धि मिली है। लखनऊ मंडल के डोमिनगढ़-स्वामी नारायन छपिया के बीच 101.97 रूट किमी रेल खंड पर स्टैंडर्ड कवच की कमीशनिंग पूरी कर इसे चालू कर दिया गया है। यह पूर्वोत्तर रेलवे का पहला स्टैंडर्ड कवच युक्त रेल खंड बन गया है। कवच की कमीशनिंग से पहले 26 अगस्त को डोमिनगढ़-जगतबेला खंड में दो कवच युक्त लोकोमोटिव से परीक्षण किया गया। हेड ऑन और पीछे से होने वाली टक्कर रोकने के लिए स्वचालित ब्रेकिंग की जांच की गई। एसओएस संदेश भेजने का परीक्षण भी सफल रहा। दोनों इंजन निर्धारित दूरी से पहले ही स्वतः रुक गए।
कवच के चालू होने से इस रेल खंड के 14 ब्लॉक सेक्शनों में कवच युक्त लोकोमोटिव के माध्यम से आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने में मदद मिलेगी। प्रणाली आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाती है और ट्रेनों को निर्धारित अधिकतम गति पर सुरक्षित चलाने में सहायता करती है।
2101 रूट किमी पर कवच को मंजूरी
रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे के 2101 रूट किमी पर कवच लगाने के लिए 787.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कई प्रमुख रेल खंडों में इसका काम स्वीकृत है।
पहले चरण में 551 रूट किमी पर काम
पहले चरण में 551 रूट किमी प्रमुख रेल मार्गों पर कवच लगाने का काम तेजी से चल रहा है। घने कोहरे और प्रतिकूल मौसम में भी यह प्रणाली संरक्षित ट्रेन संचालन में मदद करेगी और रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाएगी। सुमित कुमार, सीपीआरओ, एनईआर