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Gorakhpur News: तीन जिगरी दोस्तों की मौत से गांव में मचा कोहराम

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गोला। चार पहिया वाहन और ट्राॅली की भीषण टक्कर में जान गंवाने वाले तीनों युवक आपस में जिगरी दोस्त थे और हर समय साथ रहते थे। गांव के लोगों के अनुसार, किसी एक को देखकर दूसरे दोनों की उपस्थिति का अंदाजा लग जाता था। तीनों की पढ़ाई भी लगभग समान थी। कुणाल ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, जबकि अजय और अंकुर इंटर पास करने के बाद आईटीआई का प्रशिक्षण ले रहे थे। कुणाल के पिता देवेंद्र वाहन चालक हैं, अजय के पिता रवींद्र और अंकुर के पिता दिनेश खेती-किसानी से जुड़े हैं।
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तीनों का शव सोमवार को गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। अंकुर का शव सोमवार दोपहर बाद जैसे ही उसके घर पहुंचा, परिजनों के चीख पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंच गए और शोक संवेदना व्यक्त की। बाद में उसका अंतिम संस्कार सरयू नदी के गोड़ियाना घाट पर किया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद शाम करीब सात बजे पोस्टमार्टम हाउस से अजय और कुणाल के शव भी गांव पहुंचे। एक साथ दो और शवों के पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव वाले भी रो पड़े। ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को भी गोड़ियाना घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात तीनों युवक गोला कस्बा निवासी होटल संचालक पुष्कर यादव के पास पहुंचे और कहा कि अंकुर के पिता की दवा गोरखपुर से चलती है, इसलिए सुबह उन्हें गोरखपुर ले जाना है। इसी बहाने उन्होंने चार पहिया वाहन ले लिया। दुर्घटना उस समय हुई जब चार पहिया वाहन की टक्कर एक ट्राली से हो गई, जिस पर सरकारी खरीद का गेहूं लदा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइविंग सीट पर कुणाल, बगल में अजय और पीछे अंकुर बैठा था। टक्कर के बाद वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शवों को निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। हादसे के बाद ट्राली पर लदे कई बोरे सड़क पर गिरकर फट गए। पुलिस ने ट्राॅली को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया।
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