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Gorakhpur News: मुख्यमंत्री का करीबी बताकर दंपती ने की 2.10 लाख रुपये की जालसाजी

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गोरखपुर। गोरखनाथ इलाके में रहने वाले इंद्रेश पांडेय से दंपती ने खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बताकर 2.10 लाख रुपये की जालसाजी की। आरोप है कि करीब एक साल तक अलग-अलग गूगल पे और बैंक खातों में रुपये मंगवाने के बाद दंपती ने पीड़ित को विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम पटेल की ओर से स्कूल के फंड के लिए 10 लाख रुपये जारी कराने का फर्जी लेटर भी बनवा कर भेज दिया।
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इतना ही नहीं, जालसाजों ने कहा कि सीडीओ दफ्तर जाकर पता कर लीजिए, आपके स्कूल के फंड का पैसा वहां भेज दिया गया है। वहां जाने पर जालसाजी की जानकारी हुई। अब रुपये वापस मांगने पर धमकी दी जा रही है। गोरखनाथ पुलिस ने आरोपी संतोष कुमार त्रिपाठी और उसकी पत्नी उर्मिला त्रिपाठी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ के ललितापुर लच्छीपुर निवासी इंद्रेश पांडेय ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि उनकी जान-पहचान साल 2021 में पिपराइच इलाके के जंगल क्षत्रधारी के रहने वाले संतोष कुमार त्रिपाठी और उसकी पत्नी उर्मिला त्रिपाठी से हुई। दोनों ने खुद को मुख्यमंत्री का बेहद करीबी बताया और कहा कि मुख्यमंत्री सीधे उनके संपर्क में हैं। कई मंत्रियों से भी उनकी अच्छी जान-पहचान है। वे किसी भी स्कूल के लिए बिल्डिंग फंड दिला सकते हैं।
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इंद्रेश उनकी बातों में आ गए और उन्होंने सिद्धार्थनगर के बढ़नी में स्कूल चलाने वाले अपने मित्र को बिल्डिंग फंड दिलाने की जिम्मेदारी ले ली। इंद्रेश ने मित्र से स्कूल से संबंधित सभी कागजात भी मंगवा लिए और संतोष व उसकी पत्नी को दे दिए।
कागजात देखने के बाद पति-पत्नी ने इसके लिए 2.10 लाख रुपये का खर्च बताया। 12 अक्तूबर 2021 को संतोष ने इंद्रेश को फोन कर कहा-आपके काम के लिए आज ही लखनऊ जा रहा हूं। तत्काल 35 हजार रुपये भेजिए। इसके बाद इंद्रेश ने संतोष के गूगल पे पर 35 हजार रुपये भेज दिए। इस तरह से संतोष और उसकी पत्नी ने एक साल में 2.10 लाख रुपये कभी गूगल पे पर तो कभी बैंक खातों में मंगवा लिए।
करीब एक साल बाद 30 सितंबर 2022 को संतोष ने इंद्रेश को एक लेटर व्हाट्सएप पर भेजा, जो विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम पटेल का था। जिसपर लिखा था कि आपके विद्यालय के बिल्डिंग के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं।
संतोष ने फोन पर बताया कि अगले हफ्ते आप सीडीओ सिद्धार्थनगर के दफ्तर जाकर पता कर लीजिएगा। आपके स्कूल का पैसा वहां पहुंच जाएगा। इंद्रेश जब सीडीओ दफ्तर पहुंचे तो उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने थाने में तहरीर दी। पुलिस इंद्रेश की शिकायत पर आरोपी संतोष त्रिपाठी और उसकी पत्नी उर्मिला त्रिपाठी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।
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