गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अगस्त में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के नाम पर मुहर लग गई है। डीडीयू में डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक व पद्मभूषण डॉ. वीके सारस्वत मुख्य अतिथि होंगे। एमएमएमयूटी में एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल मुख्य अतिथि होंगे।
एमएमएमयूटी में पांच और डीडीयू में छह अगस्त को दीक्षांत समारोह प्रस्तावित है। इसे देखते हुए दोनों विश्वविद्यालयों ने मुख्य अतिथि के लिए तीन-तीन नामों का पैनल बनाकर जन भवन (राजभवन) भेजा था। मुख्य अतिथि कौन होेंगे, इस पर अंतिम निर्णय कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल को लेना था। दोनों विश्वविद्यालयों के दीक्षांत के मुख्य अतिथि के लिए नाम को कुलाधिपति ने स्वीकृति दे दी है।
नीति आयोग के सदस्य हैं पद्मभूषण डॉ. सारस्वत
डीडीयू के दीक्षांत के मुख्य अतिथि डॉ. वीके सारस्वत वर्तमान में भारत सरकार के नीति आयोग के सदस्य हैं। इसके तहत वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, उच्च शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण व राष्ट्रीय विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नीति निर्माण में मार्गदर्शन कर रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री (1998) व पद्मभूषण (2013) से सम्मानित किया गया है। डॉ. सारस्वत अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। डॉ. सारस्वत अनुसंधान एवं विकास संगठन के महानिदेशक के साथ ही रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे हैं। वे भारत के बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के प्रमुख वास्तुकारों में रहे हैं। स्वदेशी सामरिक मिसाइल एवं वायु रक्षा प्रणालियों के विकास में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
कॉरपोरेट प्रशासन और ऊर्जा क्षेत्र में विकास कौशल का व्यापक अनुभव
एमएमएमयूटी में दीक्षांत के मुख्य अतिथि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल होंगे। वह भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों में शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले पहले निजी क्षेत्र के पेशेवर हैं। वे कीर्नी के वैश्विक निदेशक मंडल के लिए दो बार निर्वाचित हुए और वित्त, लेखा परीक्षा एवं प्रशासनिक समितियों के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कॉरपोरेट प्रशासन, ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण व संस्थागत परिवर्तन में उनका योगदान उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और आईआईएम, अहमदाबाद से एमबीए उत्तीर्ण हैं।
बोलीं कुलपतिडॉ. सारस्वत का वैज्ञानिक अनुभव, दूरदर्शी नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान हमारे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी होगा। मुख्य अतिथि के रूप में उनका उद्बोधन विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
बोलीं कुलपति
विकास कौशल रणनीतिक नेतृत्व, संगठनात्मक परिवर्तन व व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। ऊर्जा क्षेत्र के प्रतिष्ठित कॉरपोरेट लीडर के रूप में उनका व्यापक अनुभव और नेतृत्व क्षमता दीक्षांत समारोह में हमारे विद्यार्थियों, शोधार्थियों व इंजीनियरों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।
- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति, एमएमएमयूटी