गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध पं. श्रीकृष्ण उपाध्याय महिला महाविद्यालय, रुद्रपुर, देवरिया की बीएससी प्रथम वर्ष की सभी 141 छात्राओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनकी विषम सेमेस्टर की विशेष परीक्षाएं कराई जाएंगी। कॉलेज की ओर से शुल्क न जमा होने के कारण वह परीक्षा से वंचित हो गई थीं।
डीडीयू व कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं दिसंबर में शुरू हुई थीं। पं. श्रीकृष्ण उपाध्याय कॉलेज की बीएससी प्रथम सेमेस्टर की किसी भी छात्रा का प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो पाया था। वे परीक्षा केंद्र पहुंचीं तो पता चला कि उनका शुल्क ही कॉलेज ने जमा ही नहीं किया है।
इस मामले में कॉलेज के प्रबंधक मोहन उपाध्याय ने रुद्रपुर कोतवाली थाने में कॉलेज के लिपिक प्रभात कुमार सिंह के खिलाफ गबन का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर के मुताबिक, कॉलेज के लिपिक व क्षेत्र के ही पिड़रा गांव निवासी प्रभात कुमार सिंह ने छात्राओं का 2.48 लाख रुपये अपने खाते में स्थानांतरित कर लिया। तहरीर में लिपिक पर 1.72 लाख रुपये नकद व अन्य दस्तावेज ले जाने का आरोप भी लगा था।
बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन ने डीडीयू प्रशासन से छात्राओं की परीक्षाएं कराने की मांग की थी लेकिन शुल्क न जमा होने के कारण परीक्षा से इन्कार कर दिया था। बाद में यह मामला परीक्षा समिति की बैठक में रखा गया। परीक्षा समिति ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए शुल्क जमा कर परीक्षा अलग से कराए जाने की अनुमति दी थी। कॉलेज प्रबंधन को यह भी निर्देश दिए गए थे कि छात्राओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए। जुर्माने के खिलाफ कॉलेज प्रबंधन हाईकोर्ट चला गया था। हाईकोर्ट से भी जुर्माने को लेकर राहत नहीं मिली।
इस संबंध में कॉलेज के प्रबंधक मोहन उपाध्याय ने बताया कि हाईकोर्ट ने शुल्क जमा करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है। होली की छुट्टी के बाद शुल्क जमा कर दिया जाएगा। छात्राओं का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। आरोपी लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के बाद से ही आरोपी भागा हुआ है।
यह है हाईकोर्ट का आदेश
मामले में हाईकोर्ट ने 25 फरवरी को आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक, कॉलेज आवश्यक परीक्षा शुल्क के साथ-साथ नई परीक्षा के लिए कुछ लागत भी जमा करेगी। परीक्षा शुल्क के साथ-साथ प्रति छात्र 1000 रुपये का अतिरिक्त शुल्क तीन सप्ताह की अवधि के भीतर जमा करे। इसके बाद डीडीयू प्रशासन एक माह की अवधि के भीतर एक विशेष परीक्षा आयोजित करे। इसके अलावा कॉलेज अपनी छात्राओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूलेगा।