मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की तरफ से बनवाकर तैयार किया गया उपकेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिवाली पर शहरी खंड को एक और बिजली उपकेंद्र का उपहार मिलेगा। 10 एमवीए की क्षमता के मेडिकल कॉलेज बिजली उपकेंद्र को बिजली निगम को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के हजारों परिवार को पहले से बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
मेडिकल काॅलेज प्रबंधन ने छह माह पहले करीब तीन करोड़ से इस बिजली घर का निर्माण कराया था। लेकिन प्रबंधन और बिजली निगम के सामंजस्य ना बन पाने के कारण परिचालन और मेंटीनेंस में दिक्कत होने पर बिजली निगम से बार-बार हैंडओवर लेने का अनुरोध करता रहा।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राप्तीनगर चतुर्थ खंड ने हैंडओवर लेने को प्रक्रिया शुरू करा दी। 10 नवंबर तक हैंडओवर की औपचारिकता पूरी होने के बाद नगरीय वितरण मंडल में 26 बिजली घर हो जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अपने विभिन्न अनुभागों को फाल्ट मुक्त बिजली आपूर्ति करने के लिए तीन करोड़ से अपने परिसर में 10 एमवीए क्षमता बिजली घर छह माह पहले तैयार कराया था। अब निगम में हैंडओवर होने के बाद इसका परिचालन और मेंटीनेंस अन्य बिजली उपकेंद्रों की तरह ही होगा।
राप्तीनगर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता अविनाश गौतम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बिजली उपकेंद्र बनाकर तैयार किया था, लेकिन परिचालन में कुछ दिक्कतें आ रही थीं। मेडिकल प्रशासन के अनुरोध कर बिजली उपेंद्र को खंड के अंर्तगत लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोट
बिजली निगम ने मेडिकल कॉलेज बिजली उपकेंद्र के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका निर्माण पहले ही हो गया है, अब सिर्फ परिचालन और मेंटीनेंस का काम है जिसे बिजली निगम देखेगा।
- लोकेंद्र बहादुर सिंह, अधीक्षण अभियंता शहरी