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Gorakhpur News: सुधीर के परिवार की खुशियों को भी छलनी कर गई गोली

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पिपराइच में सुधीर उर्फ भोला हत्याकांड... साइड स्टोरी
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17 साल से जिस मां ने सीने से लगाया वह बेटे की हत्या से तड़प उठी, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल


- शनिवार शाम को शव पहुंचते ही मची चीख-पुकार, पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
पिपराइच। जिस बेटे सुधीर को मां राजकुमारी ने 17 साल तक अपनी आंखों के सामने बढ़ते देखा, सपने बुने और बेहतर भविष्य की आस लगाई, उसकी अचानक मौत उन्हें तड़पा दिया। पिपराइच क्षेत्र के कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज परिसर में हत्यारोपियों की गोली से सुधीर उर्फ भोला की जान ही नहीं गई बल्कि उसके परिवार की खुशियां भी छलनी (छिन) हो गई हैं। शनिवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद सुधीर का शव घर के पास पहुंचा तो परिवार वालों में चीख पुकार मच गई। वहीं मोहल्ले वालों की आंखें भी नम हो गईं।
सुधीर भारती (17) राजेश कुमार और राजकुमारी का सबसे छोटा बेटा था। पिता राजेश कुमार परिवार के साथ गांव में रहते हैं, जबकि बड़ा भाई अजीत बाहर रहकर कारपेंटर का काम करता है। हत्या की सूचना मिलते ही अजीत बदहवास हालत में घर पहुंचा। जैसे ही उसने छोटे भाई का चेहरा देखा, वह फफक-फफक कर रो पड़ा।
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बुआ श्यामा देवी सुधीर के शव से लिपटकर बार-बार यही कहती रहीं, भोला, तूने किसी का क्या बिगाड़ा था। शाम करीब साढ़े पांच बजे पुलिस एंबुलेंस से शव घर से थोड़ी दूर पहुंची। हनुमान चौराहे पर परिजनों को सभी को अंतिम दर्शन कराए गए। मां, बेटे के शव से लिपटकर बेसुध हो गईं। महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन था। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने शव को सीधे रामघाट ले जाकर भारी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कराया।
सुधीर की मां राजकुमारी बाल शिशु गृह, बिछिया (शाहपुर) में काम करती हैं। उन्होंने कांपती आवाज में बताया कि ठंड की वजह से मैं दोपहर में गोरखपुर काम पर जा रही थी। करीब 1.40 बजे फोन आया, कहा गया जल्दी घर आ जाओ। पूछा क्या हुआ, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। घबराहट में ऑटो पकड़कर घर पहुंची। यहां बेटे की लाश दिखाई गई। वह खून से लतपथ था। मेरी दुनिया वहीं खत्म हो गई। सुधीर उर्फ भोला अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उस टूटे हुए परिवार की पीड़ा की कहानी बन गया है, जिसने कुछ ही मिनटों में अपना सब कुछ खो दिया।

हमलावरों ने काॅलेज की छत पर टहल रहे एक अन्य छात्र पर भी चलाई थी गोली
कॉलेज में साथ पढ़ने वाले छात्र और प्रत्यक्षदर्शी राज ने बताया कि वारदात के समय लंच का वक्त था। मैं कॉलेज की छत पर टहल रहा था। ग्राउंड में सुधीर एक लड़के को बाइक चलाना सिखा रहा था। तभी एक बाइक से चार लड़के आए, जिन्हें मैं पहचानता हूं। उनमें से दो ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। मैं सब कुछ अपनी आंखों से देख रहा था। जब घबराकर नीचे देखने लगा, तभी एक आरोपी ने मेरे ऊपर भी गोली चला दी। किसी तरह बच गया। इसके बाद सभी आरोपी असलहा लहराते हुए भाग निकले।
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गांव के ही रहने वाले शख्स ने दिया था असलहा
एसपी नार्थ ने बताया कि दो को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही मुख्य आरोपी को असलहा देने वाले की भी पहचान हो गई है। जो उसी गांव का ही रहने वाला है। आरोपी के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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