- ढाई वर्षों से महिला पर परेशान करने का आरोप, शिकायत के बाद दोनों पक्षों को बुलाकर की गई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मनोरोग विभाग एक चिकित्सक और महिला के बीच चल रहे विवाद का मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया। चिकित्सक द्वारा लगातार परेशान किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया। सोमवार को प्राचार्य कार्यालय में दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाकर विस्तृत बातचीत की गई और तथ्यों की पड़ताल की गई।
मामला मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में तैनात चिकित्सक से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि एक महिला पिछले करीब ढाई वर्षों से उन्हें लगातार फोन कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान कर रही है। चिकित्सक का कहना है कि महिला अलग-अलग मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया आईडी का इस्तेमाल कर संपर्क करती रही, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता गया। इस संबंध में चिकित्सक ने प्राचार्य, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक और मेडिकल चौकी पुलिस को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद सोमवार को प्राचार्य ने दोनों पक्षों को कार्यालय में तलब किया और पूरे मामले की जानकारी ली।
वार्ता के दौरान दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैटिंग की भी जांच की गई। प्रारंभिक जांच में महिला द्वारा बार-बार कॉल और संदेश भेजे जाने की पुष्टि हुई। साथ ही यह भी जानकारी सामने आई कि महिला किसी अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मामले को संवेदनशील मानते हुए सुना। चिकित्सक ने बताया कि 26 दिसंबर को उनके बनारस जाने के दौरान महिला का हॉस्टल तक पहुंच जाना उनके लिए भय और असुरक्षा का कारण बना। इसके बाद उन्होंने प्रशासन और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। प्राचार्य ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश देने और आगे की कार्रवाई पर विचार करने की बात कही है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राम कुमार जायसवाल ने बताया कि जांच के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो और कॉलेज परिसर में शांति बनी रहे।