गोरखपुर। गुलरिहा थानाक्षेत्र के जैनपुर गांव स्थित चौरहिया नाले में जमीन में दबी महिला और तीन माह की बच्ची के शव मिलने की गुत्थी छह दिन बाद भी नहीं सुलझ सकी है। पुलिस अब तक 125 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है लेकिन पहचान नहीं कर सकी है। जांच में जुटी पुलिस मुख्य मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों की टाइमिंग का मिलान कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि शव को किसी वाहन से लाकर नाले में फेंका या जमीन में दबाया गया होगा। इसी आधार पर आसपास के रास्तों और प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस का फोकस उन वाहनों पर है, जो घटना की संभावित अवधि में मुख्य मार्ग से होकर गुजरे हैं और जिनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जा सकेगा।
मामले में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की छह टीमें जांच में जुटी हैं और आसपास के जिलों से भी संपर्क साधा जा रहा है। महिला और बच्ची की पहचान के लिए गुमशुदगी के मामलों का मिलान किया जा रहा है लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस के अनुसार, महिला और बच्ची का शव मुख्य मार्ग से करीब 200 मीटर दूर चौरहिया नाले में जमीन में दबा हुआ मिला था। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका आठ दिन पुराना होने की जताई गई थी। महिला ने जींस नहीं, बल्कि लोवर और टी-शर्ट पहन रखी थी, जो बारिश और कीचड़ के कारण शरीर से चिपक गई थी।
पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि महिला स्थानीय या आसपास के जिलों की हो सकती है। इसके लिए हुलिए के आधार पर पड़ोसी जिलों की पुलिस से संपर्क किया गया है। गुमशुदगी के मामलों का मिलान किया जा रहा है, लेकिन अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पूरे मामले में हत्या कर शव को कहीं और से लाकर यहां ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है ताकि पहचान छिपाई जा सके।
यह है मामला
घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह उस समय हुई, जब मूसलाधार बारिश के कारण नाले की मिट्टी बह गई और उसमें दबे महिला का एक हाथ बाहर दिखाई देने लगा। सुबह टहलने निकले लोगों की नजर जैसे ही इस पर पड़ी, इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर खोदाई कर महिला और करीब तीन माह की बच्ची का शव बरामद किया। पुलिस ने पहचान के लिए 72 घंटे तक इंतजार किया लेकिन कोई भी मृतका या बच्ची की पहचान करने नहीं पहुंचा। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। सोमवार को दो डॉक्टरों की टीम की ओर से किए गए पोस्टमार्टम में सामने आया कि महिला की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई है। इससे साफ हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। बच्ची की मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी। इसके चलते उसका बिसरा सुरक्षित रखा गया है। साथ ही बच्ची के डीएनए परीक्षण के लिए अंगूठा, त्वचा और बाल के नमूने संरक्षित किए गए हैं। जांच के बाद यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि बच्ची उसी महिला की संतान है या नहीं।
इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने कहा कि मामले में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की छह टीमें अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं यह हत्या किसी अन्य स्थान पर कर शव को यहां लाकर ठिकाने न लगाया गया हो, ताकि पहचान छिपाई जा सके।