गोरखपुर। दी एनई एंड ईसी रेलवे एंम्पलाइज मल्टी स्टेट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से जुड़े रेलकर्मियों के निधन पर नामिनी को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद बैंक करेगा। महिला खाताधारकों को बैंक की विभिन्न जमा योजनाओं पर सामान्य दर से 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलेगा। इसके साथ ही बैंक करीब 45 हजार कर्मचारियों और उनके पाल्यों का 15 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी कराएगा।
रविवार को रेलवे प्रेक्षागृह में हुई बैंक की 105वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में ये अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंक के सभापति राजेश कुमार सिंह ने
बताया कि अब बैंक के हर बचत खाताधारक की मृत्यु होने पर उसके नामिनी को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। अब बैंक के हर बचत खाताधारक की मौत होने पर उसके नामिनी को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। पहले यह सुविधा ऐसे अंशधारकों तक सीमित थी, जिनका बचत खाता भी बैंक में संचालित था। बैंक निशुल्क सदस्यता और शून्य शेष पर खाता खोलने की सुविधा भी दे रहा है। महिला खाताधारकों को बैंक की विभिन्न जमा योजनाओं पर सामान्य दर से 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलेगा। विशेष परिस्थितियों में अंशधारकों को 20 लाख रुपये तक ऋण देने का भी प्रावधान है। ग्राहक राहत कोष के माध्यम से आकस्मिक मौत की स्थिति में निर्धारित शर्तों के तहत ऋण लेने वाले कर्मचारी के परिवार और जमानतदारों को भी राहत मिल रही है। बैठक में बैंक के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ कुमार श्रीवास्तव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सदन ने पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक को हुए 26.97 लाख रुपये के शुद्ध लाभ के निस्तारण को मंजूरी दी गई। लेखा-परीक्षित संतुलन पत्र और लाभ-हानि खाते का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में बैठक में बैंक के निदेशक, अधिकारी, रेल अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
संदीप सिंह चुने गए प्रबंध विभाग के निदेशक
बैठक में सर्वसम्मति से संदीप कुमार सिंह को प्रबंध विभाग का निदेशक और सन्री सिंह को कल्याण कोष समिति का सदस्य चुना गया। इस दौरान गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर, सोनपुर और समस्तीपुर कुल 193 डेलीगेट शामिल हुए।