भारतीय स्टेट बैंक में पीड़ित कर्मचारी है
- फोटो : एएनआई (फाइल)
एक दिन वह लखनऊ में जमीन खरीदने का दबाव बनाने लगी। जमीन नहीं खरीदने पर वह दुष्कर्म का केस दर्ज कर फंसाने की धमकी देने लगी। उसके दबाव बनाने पर पास में रुपये नहीं होने पर उन्हें अपना पैतृक मकान 10 नवंबर 2015 को 40 लाख रुपये में बेचना पड़ा। मकान बेचकर मिली रकम से लखनऊ में महिला ने अपने नाम पर जमीन खरीदवाई। उसमें वह गवाह भी बने हैं।
उस जमीन की रकम का भुगतान उसने अपने बैंक खाते से किया। इसके बाद वह फिर जरूरत बताकर रुपयों की मांग करने लगी। इसके अलावा तिवारीपुर स्थित मकान में उससे 19 लाख रुपये लेकर फर्निश में लगवा दिया। इसके साथ वर्ष 2015 से 2019 तक महीने में 15 से 20 हजार रुपये वह किसी न किसी बहाने ले लिया करती थी। मना करने पर ब्लैकमेल करने लगी।
पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर महिला ने धीरे-धीरे रुपये देने की हामी भरी। इसके बाद वह पति के साथ लखनऊ जाकर शिफ्ट हो गई। रुपये के लिए दबाव बनाने पर एक दिन उसने अपने घर बुलाया। आरोप है कि पति के साथ मिलकर जबरन स्टांप पेपर पर रुपये मिलने का हस्ताक्षर करवा लिया गया।
किराये के कमरे में कर रहे गुजारा
पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पूरी कमाई और पैतृक मकान बेचकर महिला को दे चुका है। अब वह शहर में किराये पर कमरा लेकर रहने को मजबूर है। वह उनके भय से मानसिक तनाव व डिप्रेशन में जीवन व्यतीत कर रहा है।