- पेट्रोल-डीजल संकट हल करने की कवायद में जुटा प्रशासन, ग्रामीण इलाकों में 20 पंपों का निरीक्षण
- छुट्टी के दिन भी रसोई गैस की होम डिलीवरी से उपभोक्ताओं ने ली राहत की सांस
गोरखपुर। जिले में रसोई गैस की होम डिलीवरी को लेकर सख्ती के बाद प्रशासन ने डीजल किल्लत का हल निकालने की कवायद शुरू की है। प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किया है कि गैलन में महज 10 लीटर डीजल मिलेगा। यदि जरूरत के मुताबिक चाहिए तो किसान ट्रैक्टर लेकर जाएं। डीजल की व्यवस्था बनाए रखने को जिला पूर्ति विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में 20 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण भी किया।
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र का निरीक्षण किया। कौड़ीराम, गगहा, बड़हलगंज, उरुवा, सिकरीगंज और खजनी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर जांच के दौरान अधिकारियों ने संचालकों को समय से डीजल उपलब्ध कराने और स्टॉक का सही ब्यौरा रखने के निर्देश दिए।
डीजल की कमी से ग्रामीण इलाकों में लोगों को अभी भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर समय से डीजल नहीं मिलने से किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। निरीक्षण के दौरान डीएसओ ने तेल कंपनियों से डीजल की आपूर्ति बढ़ाने और स्थिति जल्द सामान्य करने को कहा। साथ ही विभागीय इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग अब यह भी जांच करेगा कि किस पेट्रोल पंप को कितनी आपूर्ति मिली और उसका वितरण सही तरीके से हो रहा है या नहीं। वहीं शहर में पेट्रोल की उपलब्धता सामान्य रही, कई पंपों पर डीजल खत्म हो गया। पादरी बाजार, यूनिवर्सिटी क्षेत्र, मोहद्दीपुर और टाउनहॉल के आसपास स्थित पेट्रोल पंपों पर सोमवार को डीजल नहीं मिला, जबकि पेट्रोल की बिक्री जारी रही।
गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी बढ़ी
घरेलू गैस उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी व्यवस्था को और तेज कर दिया है। सोमवार को स्थानीय अवकाश होने के बावजूद गोदामों से गैस सिलिंडरों का वितरण किया गया। एजेंसियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों और वाहनों की व्यवस्था कर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी सिलिंडर पहुंचाए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गर्मी और बढ़ती मांग को देखते हुए एजेंसियों को बुकिंग के बाद जल्द डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।