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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में अब अंधेरा होते ही बंद होगी बोटिंग, जियो फेंसिंग से तय होगा नावों का दायरा

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गोरखपुर। रामगढ़ताल में दो नावों की टक्कर में पर्यटक की मौत के बाद प्रशासन और गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। अब शाम को अंधेरा होते ही नावों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा बोटिंग के लिए ताल में जियो फेंसिंग की जाएगी, ताकि नावें निर्धारित क्षेत्र में ही चल सकें।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को भी अधिकारियों ने रामगढ़ताल का निरीक्षण किया। रविवार तक बोट का संचालन रात नौ बजे तक होता था। अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब नाव संचालन करने वाले चालकों के लाइसेंस की भी जांच होगी। बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत नाव संचालकों को निर्धारित क्षेत्र के अंदर ही पर्यटकों को लेकर जाना होगा। तय सीमा से बाहर जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
रविवार रात रामगढ़ताल के जेटी के पास प्लेटफाॅर्म नंबर 4 और 5 से संचालित दो स्पीड बोट आपस में टकरा गई थीं। प्लेटफाॅर्म-5 से कुशीनगर से आए पर्यटकों का परिवार ताल भ्रमण के लिए नाव पर सवार हुआ था। नाव कुछ दूर ही गई थी कि सामने से तेज रफ्तार में आ रही प्लेटफाॅर्म-4 की स्पीड बोट ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों नावों पर सवार करीब 15 लोग पानी में गिर गए। इस दौरान लखमुद्दीन (20 वर्ष) का सिर नाव से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पानी में गिरे अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्लेटफाॅर्म-4 से नाव संचालन का अधिकार ललित एसोसिएट के ललित कुमार के पास है, जबकि प्लेटफाॅर्म-5 से वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के संचालक की ओर से बोटिंग कराई जाती है।
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दोनों प्लेटफाॅर्म से फिलहाल संचालन बंद
हादसे के बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जीडीए के जेई की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। दोनों प्लेटफाॅर्म से नाव संचालन करने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए जीडीए के ओएसडी प्रखर उत्तम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। फिलहाल दोनों प्लेटफाॅर्म से नाव संचालन बंद रहेगा।
आपदा विभाग ने भी दी थी चेतावनी
आपदा विभाग की ओर से पहले ही अंधेरा होने के बाद नाव संचालन नहीं करने की चेतावनी दी गई थी। इसमें एनडीआरएफ के प्रोटोकॉल का भी हवाला दिया गया था। एनडीआरएफ भी आमतौर पर अंधेरे में बचाव अभियान चलाने से बचती है।

कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। घटना के कारणों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही सुरक्षा के लिए कई नए उपाय लागू किए जाएंगे। अब रामगढ़ताल में अंधेरे के बाद बोटिंग नहीं होगी।
जिला अस्पताल पहुंचे मेयर, जाना घायलों का हाल
गोरखपुर। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने रामगढ़ताल में हुए हादसे में घायल कयामुद्दीन अंसारी का हाल जाना और घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से उनके उपचार की प्रगति की जानकारी ली और बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिया। इस दौरान एसआईसी डॉ. ओपी सिंह, डॉ. बीके सुमन, डॉ. प्रशांत अस्थाना और डॉ. मुकुल द्विवेदी मौजूद रहे।
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