सहजनवा (गोरखपुर)। नगर पंचायत वार्ड नंबर-9 पिपरा में शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही छह वर्षीय मासूम अंशुमान सिंह का शव घर लाया गया चीख पुकार मच गई। एंबुलेंस का दरवाजा खुलते ही मां सविता सिंह चीख पड़ीं और बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। पिता विनय कुमार सिंह उर्फ कन्हैया शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। दरवाजे पर जुटे हर किसी की आंख नम थी और हर चेहरा शोक में डूबा हुआ था।
अंशुमान के बाबा रेशमा रावत कृषि इंटर कॉलेज भीटीरावत, सहजनवां से सेवानिवृत्त कार्यवाहक प्रधानाचार्य जय प्रकाश सिंह भी इस दर्द से टूट गए। वे लगातार रोते हुए कहते रहे कि जिस घर में मासूम की हंसी गूंजती थी वहां अब सिर्फ सन्नाटा रह गया है। दादी प्रियंबदा सिंह भी पोते के शव से लिपटकर बिलखती रहीं और बार-बार बेसुध हो जाती थीं।
जानकारी के अनुसार, अंशुमान की हत्या उसके घर से महज 500 मीटर की दूरी पर ही की गई थी। आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर पास ही एक खंडहरनुमा स्थान पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए पूरी रात परिजन के साथ बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा।
भीड़ में शामिल होकर खोजने का दिखावा करता रहा आरोपी
पिता बोले, हत्यारोपी भीड़ में शामिल होकर इधर-उधर खोजने का दिखावा करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो। परिजन के साथ वह हर जगह तलाश में घूमता रहा और लोगों को गुमराह करता रहा। बाद में सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में उसकी पूरी साजिश सामने आ गई।
मासूम की याद में हर आंख रही नम, नहीं जले चूल्हे
मासूम की मौत से गांव में भी चूल्हे नहीं जले। महिलाओं की चीखों और पुरुषों के सन्नाटों से माहौल गमगीन रहा। गांव के लोगों में घटना से आक्रोश भी दिखाई दिया।