गोरखपुर। नगर पंचायत वार्ड नंबर-9 पिपरा निवासी छह वर्षीय मासूम अंशुमान सिंह की सिर में चोट लगने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या की गई थी। इसका पर्दाफाश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर लाया गया, परिजन के साथ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
स्थिति को देखते हुए सहजनवां, गीडा और आसपास के थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में कालेसर स्थित मोक्षधाम पर मासूम का अंतिम संस्कार कराया गया।
अंशुमान बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे घर के पास फुल्की खाने के लिए निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा। परिजन की सूचना पर सहजनवां पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ गीडा के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिला, जिसमें बच्चा एक संदिग्ध युवक के साथ जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के सांथा निवासी कल्पेश राय को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर नगर पंचायत वार्ड नंबर-10 लुचुई स्थित एक खंडहरनुमा ढांचे से मासूम का शव बरामद हुआ।
रस्सी से हाथ-पैर बांध मुंह में ठूंस दिया था रूमाल
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह नौकरी छूटने, बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान था। इसी कारण उसने 40 से 50 हजार रुपये की फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। उसने स्वीकार किया कि वह बच्चे को कुल्फी खिलाने के बहाने साथ ले गया था। उसके पास पहले से रस्सी और रूमाल मौजूद थे। आरोपी के अनुसार, उसने खंडहर में बच्चे के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में रूमाल ठूंस दिया ताकि वह शोर न मचा सके। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है, जिससे उसके बयान पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इसे पूरी तरह संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। मामले में पुलिस ने आरोपी कल्पेश की पत्नी नीलम प्रभा राय को भी साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
प्रशासन की निगरानी में हुआ अंतिम संस्कार
शनिवार को शव पिपरा नई कॉलोनी स्थित घर लाया गया तो माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम केसरी नंदन त्रिपाठी, सीओ गीडा केएम आनंद सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
दो डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया, जिसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। साथ ही स्लाइड तैयार कर फॉरेंसिक लैब भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिससे कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
प्रेम विवाह के बाद बढ़ा आर्थिक दबाव
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने करीब डेढ़ साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद खर्च बढ़ने और बाद में नौकरी छूटने तथा बीमारी के चलते वह आर्थिक तंगी में आ गया था। इसी दबाव में आरोप है कि उसने पत्नी के साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई थी, जो आखिरकार मासूम की हत्या में बदल गई।
बोले एसपीआरोपी के साथ उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। घटना की उसकी पत्नी की भूमिका की भी जा की जा रही है। दोनों से पूछताछ जारी है। - ज्ञानेंद्र, एसपी नॉर्थ