- 10 हजार का इनामी है आरोपी, टीसी पद पर भर्ती का झांसा देकर की जालसाजी
- कोलकाता ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने पर हुआ पर्दाफाश, देवरिया से आरोपी को पुलिस ने पकड़ा
गोरखपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी के 10 हजार रुपये के इनामी जालसाज को खजनी पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले दो वर्षों से भागा हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। उसे सोमवार को देवरिया से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान देवरिया के रुद्रपुर सरहसवह समुदा निवासी अनुभव पांडेय के रूप में हुई है।
एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि चिलुआताल थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर निवासी रामकरन यादव ने खजनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात देवरिया निवासी अनुभव पांडेय से हुई थी। अनुभव ने खुद को रेलवे में अच्छी पकड़ वाला बताते हुए उनके बेटे संदीप यादव को ग्रुप-सी में टिकट कलेक्टर (टीसी) के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
बेटे के बेरोजगार होने के कारण रामकरन यादव ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। आरोप है कि 15 जुलाई 2018 से लेकर सितंबर 2018 के बीच अलग-अलग तिथियों में उन्होंने करीब 10 लाख रुपये आरोपी को दे दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने पूर्व रेलवे कोलकाता के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद संदीप यादव जॉइनिंग के लिए हावड़ा स्थित जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पहुंचा। वहां जांच के दौरान पता चला कि दिया गया नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने जब आरोपी से संपर्क कर अपने रुपये मांगे तो वह टालमटोल करता रहा। आरोपी ने कोविड-19 महामारी का बहाना बनाकर भुगतान में देरी की और बाद में संपर्क से भी बचने लगा।
रामकरन यादव के अनुसार, 10 अगस्त 2024 को जब वह अपने बेटे और एक अन्य व्यक्ति के साथ आरोपी के घर रुपये मांगने पहुंचे तो आरोपी अनुभव पांडेय, उसकी पत्नी भावना, मां अर्चना, पिता कमलेश और सास किरन ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने छह सितंबर 2024 को खजनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी भागा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के लिए तत्कालीन एसएसपी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
खजनी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को देवरिया से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।