टेराकोटा शिल्पकार जितेंद्र प्रजापति ने बताया कि क्लस्टर बनने का टेराकोटा शिल्पकारों को काफी फायदा होगा। गुलरिहा, भरवलिया, बूढ़ाडीड, अशरखपुर, औरंगाबाद आदि इलाकों के शिल्पकारों को उन्नत तकनीक वाले उपकरण उपलब्ध हो जाएंगे। साथ ही उन्हें यहां बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो जाएगा।
उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में टेराकोटा क्लस्टर को स्वीकृति देते हुए अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। दरअसल यह योजना केंद्र सरकार की ही है। इसके अंतर्गत गोरखपुर के टेराकोटा को चुना गया है।
यहां लगभग एक करोड़ रुपये की लागत वाली इलेक्ट्रानिक कंप्यूटराइज्ड भट्टी, चाक समेत अन्य मशीनें लगाई जाएंगी। जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में होंगी। करीब पौने तीन करोड़ रुपये की इस योजना के लिए जल्द ही केंद्र सरकार से फंड जारी होने की उम्मीद है। फंड मिलने के साथ ही इस निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।