आजाद पांडेय ने हर जरूरतमंद तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी अपना संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वे बताते हैं कि टीम के सभी लोग एक किट साथ रखते हैं जिसमें कोरोना संक्रमित होने पर आवश्यक दवाएं, ब्रेड, दूध का पैकेट, चिप्स आदि रहता है।
बस यह करना है आपको
आप अपने घर ही रहिए पर हमको लोकेशन बताइए, हमारी टीम 24 घंटे जागती मिलेगी और जरूरतमंद को जरूरी जीवनोपयोगी सामग्री पहुंचाती रहेगी।
यहां करें फोन
आजाद पांडेय 9454641501
दीपक मिश्रा 9839481508
नरेंद्र राय 9839978316
विश्वजीत त्रिपाठी 98896 62288
स्माइल रोटी बैंक की टीम के लोग बशारतपुर मोहल्ले के एक घर में पहुंचे, जहां बुजुर्ग दंपती थे। उनका बेटा नागपुर में कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल के आईसीयू में है। दो दिनों से बात नहीं हुई तो मां-बाप अवसाद में हैं। बुजुर्ग मां को हल्का बुखार भी था। टीम के सदस्य दीपक बताते हैं, पहले बात कर उन्हें सामान्य स्थिति में लाया गया। भोजन करने से मना कर दिए तो दूध और ब्रेड खिलाया गया। जरूरी दवाएं दीं। दूसरे दिन सुबह पहुंचे तो बूढ़ी मां खुद चाय बनाकर लाईं और दोनों सामान्य दिखे।
बीमार को पिलाया माजा, मुर्गा खिलाने का वादा
टीम के लोगों को पता चला कि जिला अस्पताल में भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें मदद की दरकार है। शनिवार को टीम पहुंची तो राजू नाम का एक बीमार युवक मिला। कुपोषण के शिकार युवक ने खाना खाने से मना कर दिया और आम का जूस पीने की इच्छा जाहिर की। लॉकडाउन होने के बाद भी टीम के लोगों ने किसी तरह एक दुकान खुलवाकर कोल्ड ड्रिंक, माजा की बोतल ली और आजाद पांडेय ने खुद अपने हाथों से पिलाया।
इसके बाद युवक ने मुर्गा खाने की मांग की। बोला, मैं बचूंगा नहीं अब, मुझे मुर्गा खिला दें। बहुत दिन हो गए नहीं खाया। टीम के सदस्यों ने कहा आज चावल, दाल खाएं, लाकहाउन हटते ही सोमवार को मुर्गा जरूर खिलाऊंगा।