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#LadengeCoronaSe: कुंडी खटका कर मदद करने पहुंचती है आजाद की टीम, कोरोना काल में बने फरिश्ता

Mon, 26 Apr 2021 02:53 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

पेट में भोजन, बीमारी का इलाज और चेहरे पर मुस्कान है स्माइल रोटी बैंक का मकसद, पर्चा देकर पड़ोसियों के घर की कुंडी खटखटाने की करते हैं अपील
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जरूरतमंदों की मदद करती रोटी बैक की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जिस कोरोना संकट में अपने बेगाने हो रहे हैं, लोग भय से शव को लावारिस छोड़ दे रहे हैं। रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो रही है, इसी दौर में स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय की टीम जरूरतमंदों की मदद के लिए घरों की कुंडी खटकाती है। बीमारों को दवा, भूखों को भोजन और बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करती है। बीते तीन दिनों में टीम के लोगों ने 150 घरों में जाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखरने की कोशिश की है।

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कैंपियरगंज के मूसाबार गांव निवासी आजाद पांडेय को इसी साल प्रदेश सरकार की ओर से स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे बेसहारों और मानसिक रूप से कमजोर लोगों की मदद तो करते ही हैं काउंसिलिंग कर उन्हें घर तक पहुंचाते हैं। कोरोना संकट में आजाद ने ‘चलो कुुंडी खटकाओ’ मुहिम शुरू की है।

आजाद कहते हैं, जब उनकी टीम के लोग किसी के घर जाते हैं तो उनसे अपने पड़ोसी का 24 घंटे में एक बार कुंडी खटकाने की अपील भी करते हैं। साथ में मोबाइल नंबर लिखा एक पर्चा भी देते हैं, समस्या होने पर इस नंबर पर फोन करने की सलाह देते हैं।
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आजाद कहते हैं, इस समय संपूर्ण देश कोरोना के कहर से कराह रहा है। जो जहां है वहीं बंद है, इन हालात में सैकड़ों बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे हमारे मुहल्ले, पड़ोस, बिल्डिंग, सोसायटी में अपने घरों में असहाय बंद पड़े होंगे। जिन घरों के दरवाजे एक दिन न खुले हों तो प्लीज उस दरवाजे की कुंडी खटखटाइए और देखिये कहीं कोई अपनों के अभाव में टूटकर बिखर न रहा हो।
 

सोशल मीडिया का लिया है सहारा

आजाद पांडेय ने हर जरूरतमंद तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी अपना संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वे बताते हैं कि टीम के सभी लोग एक किट साथ रखते हैं जिसमें कोरोना संक्रमित होने पर आवश्यक दवाएं, ब्रेड, दूध का पैकेट, चिप्स आदि रहता है।

बस यह करना है आपको
आप अपने घर ही रहिए पर हमको लोकेशन बताइए, हमारी टीम 24 घंटे जागती मिलेगी और जरूरतमंद को जरूरी जीवनोपयोगी सामग्री पहुंचाती रहेगी।

यहां करें फोन
आजाद पांडेय 9454641501
दीपक मिश्रा 9839481508
नरेंद्र राय 9839978316
विश्वजीत त्रिपाठी 98896 62288

 
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बूढ़े मां-बाप को भोजन कराया, हमदर्दी दी

स्माइल रोटी बैंक की टीम के लोग बशारतपुर मोहल्ले के एक घर में पहुंचे, जहां बुजुर्ग दंपती थे। उनका बेटा नागपुर में कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल के आईसीयू में है। दो दिनों से बात नहीं हुई तो मां-बाप अवसाद में हैं। बुजुर्ग मां को हल्का बुखार भी था। टीम के सदस्य दीपक बताते हैं, पहले बात कर उन्हें सामान्य स्थिति में लाया गया। भोजन करने से मना कर दिए तो दूध और ब्रेड खिलाया गया। जरूरी दवाएं दीं। दूसरे दिन सुबह पहुंचे तो बूढ़ी मां खुद चाय बनाकर लाईं और दोनों सामान्य दिखे।

बीमार को पिलाया माजा, मुर्गा खिलाने का वादा
टीम के लोगों को पता चला कि जिला अस्पताल में भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें मदद की दरकार है। शनिवार को टीम पहुंची तो राजू नाम का एक बीमार युवक मिला। कुपोषण के शिकार युवक ने खाना खाने से मना कर दिया और आम का जूस पीने की इच्छा जाहिर की। लॉकडाउन होने के बाद भी टीम के लोगों ने किसी तरह एक दुकान खुलवाकर कोल्ड ड्रिंक, माजा की बोतल ली और आजाद पांडेय ने खुद अपने हाथों से पिलाया।

इसके बाद युवक ने मुर्गा खाने की मांग की। बोला, मैं बचूंगा नहीं अब, मुझे मुर्गा खिला दें। बहुत दिन हो गए नहीं खाया। टीम के सदस्यों ने कहा आज चावल, दाल खाएं, लाकहाउन हटते ही सोमवार को मुर्गा जरूर खिलाऊंगा।
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