वसुंधरा एन्क्लेव के एक फ्लैट की छत में छेद होने के मामले में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रविवार को जांच की। सुबह जीडीए के सहायक एवं अवर अभियंता मौके पर पहुंचे। आवंटी की ओर से छेद की मरम्मत करा ली गई थी। जीडीए की ओर से भी मरम्मत कराने का प्रस्ताव दिया गया। मौके से लौटने के बाद जीडीए की टीम ने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।
जीडीए की तारामंडल स्थित आवासीय कालोनी वसुंधरा एन्क्लेव फेज दो के ब्लाक 28 में फ्लैट संख्या 202 की आवंटी अर्चना सिंह ने शिकायत की थी कि उनके किचन की टाइल्स खराब हो गई थी। बदलवाने के लिए जब टाइल को उखाड़ा गया तो एक छेद नजर आया, जिससे स्पष्ट रूप से आर-पार देखा जा सकता था।
जीडीए के सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता छेद ठीक कराने मौके पर पहुंचे थे। उसके बाद दी गई रिपोर्ट में उन्होंने उल्लेख किया है कि आवंटी की ओर से छेद की मरम्मत करा ली गई है। आवंटी ने उन्हें भवन की बाहरी सतह पर खराब प्लास्टर दिखाया। उसके मरम्मत की जरूरत नजर आयी।
जीडीए अभियंताओं ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि आवंटी को छह साल पहले कब्जा दिया गया था लेकिन अब तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। बाहरी सतह पर रंगाई-पुताई न होने से सतह कहीं-कहीं खराब हो गई है। टीम ने मरम्मत की जरूरत बताई।
इस संबंध में वहां मौजूद ब्लाक के कुछ अन्य आवंटियों ने भी अनुरोध किया। जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद पहले शाम को जांच की गई। उसके बाद सुबह मरम्मत के लिए भेजा गया था लेकिन आवंटी ने मरम्मत करा लिया था। ढांचे में ऐसी कोई कमी नहीं दिखी, जिससे कोई खतरा हो। छत में छेद कैसे हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।