दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने करीब तीन साल बाद आम सभा की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। ऑनलाइन होने वाली आमसभा की बैठक दो से तीन दिनों में आयोजित होगी, इसे लेकर शिक्षकों की रायशुमारी ली जा रही है।
दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के बीच मनमुटाव काफी समय से चलता आ रहा है। शिक्षकों को आवास खाली होने के बाद भी आवंटित न होना, सेवानिवृत्त के करीब पहुंच चुके शिक्षकों की पदोन्नति का खुन्नस था ही इधर, दो शिक्षकों की कोरोना के दौरान हुई मौत और मृत शिक्षकों की पत्नियों से अनुग्रह राशि के लिए आवेदन मांगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। कई शिक्षकों ने आम सभा की बैठक बुलाने की मांग कर डाली। जिसके बाद शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो विनोद कुमार सिंह ने आमसभा की तैयारी शुरू कर दी। इसमें शिक्षक वर्चुअल मोड में जुड़ेंगे।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रकरण शिक्षकों के सम्मान से जुड़ा है। दोनों शिक्षकों ने दीक्षांत समारोह में अहम जिम्मेदारी निभाई। उसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब हुई। शिक्षकों की मौत के बाद विवि प्रशासन ने लगातार संवेदनहीनता दिखाई है जो बर्दाश्त के बाहर है।
कोरोना के चलते आमसभा संभव नहीं था
लंबे समय से आम सभा की बैठक नहीं बुलाने के सवाल पर प्रो विनोद कुमार सिंह ने कहा कि दो साल से कोरोना संक्रमण से लोग जूझ रहे हैं। ऐसे में आम सभा बुलाना संभव नहीं है। इसके पहले जब शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी और एक साल बाद भी उनका विनियमितीकरण नहीं हुआ था तब आमसभा बुलाई गई थी। अभी जो आमसभा की बैठक बुलाएंगे उसमें भी कोरोना नियमों का पालन करेंगे, ऑनलाइन बैठक होगी।