हंगामे के बीच जब कुलपति पैदल ही आवास की ओर रवाना हुईं तो प्रदर्शनकारी उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते चलते रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति से अभद्रता और धक्का-मुक्की के प्रयास का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी है। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
शाम करीब साढ़े पांच बजे कुलपति प्रो. पूनम टंडन शिक्षकों से वार्ता के लिए प्रशासनिक भवन पहुंचीं। एक मांग को छोड़कर अन्य मुद्दों पर सहमति भी बन गई। महाविद्यालयों पर लगाए गए अर्थदंड का मामला लंबित रहा। कुलपति ने इस मामले को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
वार्ता समाप्त होने के बाद कुलपति जब आवास जाने लगीं तो प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने फिर विरोध शुरू कर दिया। एक महिला शिक्षक उनके वाहन के सामने लेट गई।
घटना गुऑक्टा के आंदोलन के दौरान हुई। संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के शिक्षक बुधवार को प्रशासनिक भवन पर आमरण अनशन कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया।
पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने ताला खुलवाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने विरोध जारी रखा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी उदयभान की पहल पर करीब छह बजे शिक्षक अनशन समाप्त कर दिए। अनशन में गुऑक्टा के उपाध्यक्ष प्रो. राम अवतार वर्मा, महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी, संयुक्त मंत्री डॉ. प्रद्योत सिंह समेत विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।