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Gorakhpur News: निलंबित लिपिक की भी सुनवाई टली, अग्रिम जमानत पर फैसला चार दिन बाद

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शिक्षक सुसाइड प्रकरण: निलंबित बीएसए ने हाईकोर्ट में पक्ष रखने की मांगी अनुमति, अगले सोमवार को होंगी पेश
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देवरिया में तैनाती के दौरान हुआ मामला, बलिया के रहने वाले हैं निलंबित बीएसए और लिपिक

गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में चल रही न्यायिक प्रक्रिया में मंगलवार को नया मोड़ आया। मामले में निलंबित लिपिक संजीव सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई टल गई। अब इस प्रकरण में चार दिन बाद दोबारा सुनवाई होगी।
निलंबित लिपिक संजीव सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी। किसी कारणवश मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई। अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि चार दिन बाद निर्धारित की है। इससे पहले निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की याचिका पर भी सुनवाई टल चुकी है।
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सूत्रों के मुताबिक, निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी है। अदालत ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए उन्हें अगले सोमवार को पेश होने का निर्देश दिया है। ऐसे में अब इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है।
उधर, पुलिस भी शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में जांच को तेज कर चुकी है। मामले से जुड़े निलंबित बीएसए और बाबू के छह रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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यह है मामला
गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने उत्पीड़न और नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की रिश्वत की मांग के चलते आत्महत्या कर ली। मामले में निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह भागे हुए हैं। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनाम घोषित होते ही गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। दोनों ही अधिकारी मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले हैं।
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