मासूम की मां पुष्पा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह बेहद गरीब हैं। उनके पति हरेंद्र ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने अपने पांच साल के बेटे सार्थक का प्रवेश कूड़ाघाट गौतम गुरूंग चौक स्थित डस्ट टू क्राउन स्कूल में कराया है। गरीब होने की वजह से स्कूल प्रबंधन भेदभाव करता है।
स्कूल टॉपर है सार्थक
सार्थक पढ़ाई में काफी होनहार है। परीक्षा में उसने स्कूल में भी टॉप किया था। मां का आरोप है कि जब से सार्थक ने स्कूल में टॉप किया तभी से प्रधानाचार्य विवेक कुमार पांडेय और शिक्षिका दीपिका पांडेय उससे भेदभाव करने लगे। उन्हें लगता है, एक ठेला चलाने वाले का बेटा आखिर स्कूल में कैसे टॉप कर सकता है?
सार्थक के ब्रेन का हुआ है ऑपरेशन
स्कूल में प्रवेश के दौरान मासूम के माता-पिता ने प्रबंधन को यह बताया था कि सार्थक को बचपन से ही ब्रेन की समस्या है। उसके ब्रेन का ऑपरेशन भी हो चुका है। यह जानते हुए भी दोनों ने मिलकर मासूम की पिटाई की।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डस्ट टू क्राउन स्कूल प्रधानाचार्य विवेक कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालय में गिरने की वजह से बच्चे को चोटें आई हैं। कोई मारपीट बच्चे के साथ नहीं हुई है। बच्चा नियमित विद्यालय आकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में यथासंभव सहयोग किया जाएगा।