गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में उत्तर प्रदेश से बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात बस्ती के शिक्षक आलोक शुक्ल की हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। दस से तेरह दिसंबर तक आयोजित महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से लगभग 131 पारंपरिक शिल्पकारों व कलाकारों ने भाग लिया।
शिक्षक आलोक शुक्ल ने बताया कि इस बार कोविड के चलते विदेशी शिल्पकारों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया। जबकि देश से अलग-अलग विधाओं में पारंगत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पारंपरिक शिल्पकारों व कलाकारों ने हिस्सा लिया। आलोक ने अपशिष्ट प्रबंधन, पारंपरिक शिल्प से सजे कम लागत में तैयार होने वाले अखबार की कतरन व गत्ते के टुकड़ों से पर्यावरण के अनुकूल बहु उपयोगी सामग्री बनाकर महोत्सव में पहचान बनाई है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राजीव सिंह की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। इसके अलावा गोवा सरकार के पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता प्रबंधन विभाग ने उनकी सोच व हस्तशिल्प के साथ कार्य में रुचि दिखाई।
अपर बेसिक शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप, एएमडी परिवहन निगम सरनीत कौर ब्रोका, डीएम सौम्या अग्रवाल, सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, बीएसए जगदीश प्रसाद शुक्ल, डीसी एमडीएम अमित कुमार मिश्र, डीसी स्वच्छ भारत मिशन राजा शेर सिंह ने कहा कि आलोक ने जिला सहित प्रदेश का नाम रोशन किया है।