कोरोना वायरस (कोविड-19) और क्षय रोग यानि टीबी के संक्रमण का तरीका और लक्षण लगभग मिलते-जुलते है । इसलिए इनके संक्रमण की जद में आने से बचने के लिए मरीजों के साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कि यदि कोई टीबी की जांच के लिए आता है तो वह क्या-क्या सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्हें लगता है कि मरीज में टीबी नहीं कोरोना के अधिक लक्षण नजर आ रहे हैं तो वह परामर्श लेकर उनकी कोरोना की भी जांच करा सकते हैं।
इतना ही नहीं टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबीनाट मशीन कोरोना की भी जाँच कर सकती है और प्रदेश में कई जगह यह जांच हो भी रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा कहना है कि कोरोना जहां एक वायरस (विषाणु) है तो टीबी एक वैक्टीरिया (जीवाणु) है, लेकिन दोनों ही सूक्ष्म और अदृश्य हैं।