संपत्ति कर की आपत्ति पर लगने वाला शुल्क खत्म
मुख्य कर अधिकारी विनय राय ने बताया कि पहले जीआईएस सर्वे में संपत्ति कर पर आपत्ति शुल्क जमा करवा लोग अपना पक्ष रखते थे। इसमें 100 रुपये की सेवा शुल्क रशीद काटी जाती थी। नगर निगम ने जनहित को देखते हुए और जीआईएस सर्वे पर एक मत नहीं होने पर लोगों की सुविधा के लिए 100 रुपये के शुल्क को खत्म कर दिया है। अब अगर किसी को संपत्ति कर के रूप में अधिक बिल आ जाएगा तो उसे बिना शुल्क जमा करवाए ही नगर निगम में अपनी आपत्ति जमा दर्ज करवा सकता है।
नगर निगम के इतिहास में पहली बार इतनी लंबी बैठक चली
नगर निगम के इतिहास में बृहस्पतिवार को नगर निगम बोर्ड की पहली बार इतनी लंबी बैठक चली है। पार्षदों के साथ अधिकारियों के सामंजस्य की वजह से करीब 9 घंटे तक चली बैठक शांति के साथ निपटा दी गई। इसके पहले अंजू चौधरी जब मेयर थी, उस समय ऐसी ही एक बैठक करीब 6 घंटे तक चली थी।