जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से पकड़ तो लिया, लेकिन उससे कुछ भी उगलवा पाना बहुत मुश्किल था। पुलिस के इंग्लिश में बात करने पर वह तमिल बोलने लगता था। अचानक उसकी बदली भाषा सुनकर पुलिस चकरा गई। बाद में पुलिस ने तमिल भाषा के जानकार फातिमा हॉस्पिटल से केरल निवासी फादर को बुलाया, जिनकी मदद से पूछताछ कर घटना का पर्दाफाश किया गया।
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पता चला है कि उसके गांव के लोग पूरे देश में इसी तरह टप्पेबाजी करते हैं। आरोपी के पास से पुलिस ने 38 हजार 140 रुपये, पांच बैग, आठ एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने पकड़े गए आरोपी के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान तमिलनाडु के रामजीनगर त्रिच्ची के गांधीनगर खरीबाकसर कॉलोनी निवासी भरत कुमार के रूप में हुई है। आरोपी के गांव के कई लोग हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। वहीं से अलग-अलग जगहों पर जाकर जालसाजी व चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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आरोपी ने बताया कि ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। गोरखपुर में भी यह लोग प्लेटफार्म पर उतरने के बाद आपस में बात कर तय कर लेते हैं, किसे किस तरफ जाना है और फिर कितने बजे वापस आकर कहां मिलना है। फिर शहर में घूमकर वारदात करते हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पता चला कि गिरोह तीन तरीकों से वारदातों को अंजाम देता है। पहला तरीका है कि कोई कार से नीचे उतरा तो थोड़ी देर बाद चालक के पास दस-दस के नोट फेंक देते हैं। जब चालक गिरे नोट के लालच में पड़ता है तो कार में रखा बैग लेकर फरार हो जाते हैं। दूसरा, मोबिल गिरने का इशारा करते हैं। तीसरा तरीका है कि कार खाली होने पर शीशा तोड़कर वारदात को अंजाम देते हैं।
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पूरा गांव टप्पेबाजी में शामिल
एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए तमिलनाडु के युवक से पूछताछ में सामने आया है कि उसके गांव में सभी देशभर में घूम कर इसी तरह से टप्पेबाजी व चोरी करते हैं। कई जगहों पर वे वारदात को अंजाम दे चुके हैं। खुद को बचाने के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, ताकि लोकेशन न मिलने पाए। तमिलनाडु का सन्नूमुगम थोड़ी हिंदी जानता है, इसका फायदा भी वह उठाता है। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य लोगों के पकड़े जाने के बाद साफ होगा कि गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में कौन सी घटनाओं को अंजाम दिया है।
इसकी हुई गिरफ्तारी, इनके नाम आए सामने
गिरफ्तार युवक की पहचान तमिलनाडु के रामजीनगर त्रिच्ची के गांधीनगर खरीबाकसर कॉलोनी निवासी भरत कुमार के रूप में हुई है। उसका साथी सन्नूमुगम, हरीहरन उर्फ हरी, आदित्यन, गोगूल और मिया कुट्टी का नाम सामने आया है। एसपी ने बताया कि इसकी भी जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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इन घटनाओं का पर्दाफाश हुआ
- कैंट इलाके से पंकज त्रिपाठी का बैग चोरी हुआ था। उसमें 23,940 रुपये, आठ एटीएम, पैनकार्ड व डीएल था।
- कैंट इलाके में रुद्रसेन जायसवाल का बैग चोरी हुआ था। उसमें 2500 रुपये और हर्बल लाइफ की दवाएं थीं।
- डॉ. पूनम पांडेय के बेटे का स्कूली बैग और लेडिज बैग चोरी हुआ था। इसमें काॅस्टमेटिक सामान, 52 सौ रुपये, आधार कार्ड व पैन कार्ड थे।
- अभिषेक कुमार सिंह का बैग चोरी हुआ था। उसमें 4500 रुपये नकद, बिल बाउचर व दुकान की चाबी थी।
- इसके अलावा दो बैग और चोरी हुए थे, वह भी मिले हैं।