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Gorakhpur News: महंगाई की आड़ में सोने की परत ओढ़ चमका बंधेल..धंधेबाज काट रहे 'चांदी'

Wed, 31 Dec 2025 11:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि आमतौर पर आभूषणों को तैयार करने में 14 से 22 कैरेट के सोने का इस्तेमाल होता है, जिसमें अधिकतम 91.6% तक सोना होता है। इसके बाद आभूषण को मजबूती देने के लिए उसमें चांदी, तांबा और जिंक जैसी धातुओं को मिलाया जाता है।
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सोना - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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सोने-चांदी की मंहगाई की वजह से एक बार फिर से धंधेबाज बंधेल (आर्टिफिशियल) जेवरों पर हालमार्क लगाकर 14 से 18 कैरेट का आभूषण बताकर बेचने लगे हैं। गांव-कस्बों और आसपास के जिलों में धंधेबाज ये जेवर खपाकर मोटी कमाई कर रहे हैं।
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कुशीनगर में सोने के जेवर के नाम पर 45 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आ चुका है। हिंदी बाजार में भी ऐसा ही एक मामला सामने आने पर राजघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक सराफा कारोबारी ने बताया कि धंधेबाज रोल्ड गोल्ड को निखारकर सोने के भाव से बेच रहे हैं। 
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बताया कि रोल्ड गोल्ड बनाने के लिए सोने की एक पतली परत को पीतल, स्टील, तांबा या अन्य धातुओं पर चढ़ाया जाता है। इसमें तांबा 90 प्रतिशत और एल्युमीनियम 10 प्रतिशत तक होता है। इसके ऊपर सोने की पतली परत चढ़ा दी जाती है।

इसके बाद रोल्ड गोल्ड शुद्ध सोने जैसा दिखने लगता है। धंधेबाज हॉलमार्किंग सेंटर से सेटिंग करके इन नकली जेवरों पर हालमार्क लगवा देते हैं। कुछ धंधेबाजों की वजह से अच्छे कारोबारी भी सवालों के घेरे में आ रहे हैं।

सराफा मंडल के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि आमतौर पर आभूषणों को तैयार करने में 14 से 22 कैरेट के सोने का इस्तेमाल होता है, जिसमें अधिकतम 91.6% तक सोना होता है। इसके बाद आभूषण को मजबूती देने के लिए उसमें चांदी, तांबा और जिंक जैसी धातुओं को मिलाया जाता है।

इसलिए सोना खरीदने से पहले हमेशा कैरेट की जांच करें। पूर्वांचल सोनार समिति के प्रदेश अध्यक्ष महेश वर्मा ने कहा कि खरीदने से सोने की कीमत कैरेट की जांच जरूर करें। सोने के वजन का तौल और कैरेट की जांच के साथ दुकानदार से खरीद का सर्टिफिकेट भी जरूर लें जिसपर शुद्धता, वजन और कीमत लिखी हो। गांव-कस्बों और दूसरे जिलों के व्यापारियों को भी सोने के आभूषण खरीदते सतर्कता बरतनी चाहिए।

आप खुद भी कर सकते हैं परख
सराफा मंडल के संरक्षक पंकज गोयल ने बताया कि सोने के असली आभूषण में एचयूआईडी नंबर होता है, जो बीआईएस द्वारा अनुबंधित हॉलमार्किंग सेंटर से जेवरों पर लगाया जाता है। जेवर पर बीआईएस लोगो (त्रिकोणीय), शुद्धता की जानकारी (जैसे 22 केरेट 916), और एचयूआईडी नंबर होगा।

किसी दूसरे मार्क का सोने का आभूषण गुणवत्तापूर्ण नहीं होता है। बीआईएस केयर एप पर भी एचयूआईडी डालकर जाना जा सकता है कि जेवर पर कहां से हालमार्क लगाया है, किस दुकान से खरीदा गया और कितनी गुणवत्ता का आभूषण है।
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चांदी में भी मिलावट का खेल
चांदी में भी मिलावट का खेल खूब चल रहा है। सोने-चांदी के एक व्यापारी ने बताया कि इस समय 50 से 60 टंच चांदी की 10 ग्राम की पायल लेनी हो तो 1500 रुपये खर्च करने होंगे। धंधेबाज इसमें मिलावट करके उसे असली बताते हुए 1300 रुपये तक में बेच रहे हैं। ये 12 से 15 टंच में गिलट और एल्युमिनियम मिलाकर इसे भी 50 से 60 टंच का बताते हैं और असली चांदी के भाव में ही बेचते हैं।

चांदी के दाम में 12 हजार रुपये की गिरावट
चांदी के बाजार में एक दिन में ही रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को चांदी की कीमत प्रति किलो 2.50 लाख रुपये थी जो मंगलवार को 12 हजार रुपये घटकर 2.38 लाख रुपये प्रति किलो हो गई। धनतेरस तक चांदी की कीमत 1.70 लाख रुपये के आसपास थी जबकि इस महीने चांदी का भाव 80 हजार रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है।
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