जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आने वाले ऐसे मरीजों की संख्या भी पिछले एक सप्ताह के अंदर बढ़ी है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि हर दिन बुखार के तीन से चार मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनके प्लेटलेट्स काउंट 25 हजार से कम आ रहे हैं। जबकि, संक्रमण बताने वाले मार्कर टीएलसी की भी रिपोर्ट दो हजार से नीचे आ जा रही है। जबकि, टीएलसी स्वास्थ्य व्यक्ति में कम से कम 10 हजार होनी चाहिए। ऐसे मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। इनकी डेंगू रिपोर्ट निगेटिव मिल रही है।
बीआरडी में बढ़ती जा रही संख्या
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ओपीडी में हर दिन 300 से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। इनमें 20 से 25 फीसदी मरीज नॉन डेंगू वायरल सिंड्रोम के शामिल हैं। जबकि, 15 से 20 फीसदी मरीज डेंगू के मिल रहे हैं। अन्य मरीजों में मलेरिया, वायरल बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। इमरजेंसी की बात करें तो यहां हर दिन 10 से 12 बुखार के मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। इनमें तीन से चार मरीजों ही डेंगू के मिल रहे हैं, जबकि अन्य मरीजों में लक्षण तो डेंगू के हैं, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है।
शहर के ये इलाकें डेंगू से ज्यादा प्रभावित
शहर में डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले पांच साल के अंदर डेंगू के सबसे अधिक मरीज इस साल मिल चुके हैं। शहर की बात करें तो कालीबाड़ी, बसंतपुर, निजामपुर, दरगहिया, हांसूपुर, नरसिंहपुर, महेवा, तुर्कमानपुर, रसूलपुर, दीवान बाजार, शेखपुर, साहबगंज, बेतियाहाता और रेलवे का बिछिया कॉलोनी है। इन स्थानों पर सबसे अधिक मरीज मिले हैं।
कागजों में हुआ छिड़काव, फैल गए मरीज
अक्तूबर में हुई बारिश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोग अभियान चलाया। अभियान के तहत डेंगू प्रभावित इलाकों में छिड़काव के निर्देश आलाधिकारियों ने दिए थे। लेकिन, विभाग ने कागजों में ही छिड़काव कर वाहवाही लूट ली। इन सबके बीच डेंगू तेजी से शहर में फैल गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि गोरखनाथ इलाके के एक बड़े निजी अस्पताल में करीब 60 मरीज डेंगू के भर्ती हैं। इसके अलावा शहर के 100 से अधिक अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों का इलाज चल रहा है।