गोरखपुर जिला कारागार से शुक्रवार सुबह बंदी के फरार होने से हड़कंप मच गया। देर रात तक पुलिस तलाशती रही पर वह नहीं मिला। मामले में जेलर समेत 5 अफसरों व कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
बांसगांव क्षेत्र के ग्राम सरसोपार निवासी हरिशंकर विपिन (21) बांसगांव थाने में दर्ज किशोरी का अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। शुक्रवार सुबह करीब 8:40 बजे उसे कारागार परिसर के समीप स्थित निर्माणाधीन भवन में अन्य बंदियों के साथ कार्य कराने के लिए ले जाया गया था।
इसी दौरान वह मौका पाकर भाग गया। एक पेड़ के सहारे निर्माणाधीन दीवार को पार कर भागने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, डीजी जेल पीसी मीना के मुताबिक मामले की शुरुआती जांच में जेल वार्डर जितेंद्र गौतम और जितेंद्र दुबे, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजीत सिंह व जेलर अरुण कुमार प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए।
इन सभी को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है जबकि जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
डीएम व एसएसपी ने किया निरीक्षण
जिला कारागार से शुक्रवार सुबह पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध एक विचाराधीन बंदी भाग गया। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के बाद डीएम और एसएसपी ने शुक्रवार शाम जिला कारागार पहुंचकर निरीक्षण किया।
दोनों अधिकारियों ने करीब 20 मिनट तक जेल परिसर में रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, जेल प्रशासन की प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद बंदी रक्षक ज्ञान प्रकाश और जितेंद्र गौतम को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
लापता होने की सूचना मिली है। जेल का निरीक्षण किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस की टीमें तलाश में लगी हैं। कहां से लापरवाही हुई इसकी भी जांच की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा: दीपक मीणा, डीएम