श्रीराम मंदिर भूमि पूजन : दीपों की रौशनी से जगमगा हो उठा सूर्यकुंड धाम
गोरखपुर। अयोध्या में बुधवार को श्रीराम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सूर्यकुंड धाम विकास समिति व सूर्यकुंड धाम जीर्णोंद्धार समिति की ओर से मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन के साथ ही शाम को दीपोत्सव मनाया गया। इस दौरान दीपों की रौशनी से सूर्यकुंड धाम रात में जगमगा उठा।
सूर्यकुंड धाम विकास समिति की ओर से दो दिवसीय रामोत्सव कार्यक्रम की मंगलवार को शुरुआत हुई। इसके लिए सूर्यकुंड धाम को झालरों की लड़ी से सजाया गया। मंगलवार को पूरे दिन धाम में विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए और पूरा धाम राममय हो उठा। सुबह भगवान राम और सूर्य देव के पूजा-पाठ हवन और प्रभु राम की महाआरती के साथ रामोत्सव प्रारंभ हुआ। दोपहर बाद तीन बजे से धाम में संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रारंभ हुआ। शाम सूर्यकुंड धाम सरोवर पर दीपदान व भजन संध्या आयोजित हुई। दीपदान कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के संरक्षक पूर्व जनपद न्यायाधीश रमेश कुमार त्रिपाठी, समाजसेवी धीरज सरकारी व समिति के सचिव तथा कार्यक्रम संयोजक संतोष मणि त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। इस दौरान सैकड़ों दीपों की रोशनी से पूरा धाम परिसर जगमग हो उठा। लोक गायक प्रद्युमन प्रेमी के नेतृत्व में लोक कलाकारों और वाद्ययंत्र कर्मियों ने भजनों की प्रस्तुति कर भक्ति की गंगा बहाई पूरा वातावरण राममय हो गया।
सूर्यकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति के स्वयंसेवकों द्वारा श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन के पूर्व संध्या पर मंदिर प्रांगण की साफ-सफाई कर मुख्य मंदिर की सज्जा कर 501 दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया गया। सूर्यकुंड धाम की महिमा पौराणिकता बताते हुए समिति के उपाध्यक्ष अमरदीप गुप्ता ने बताया भारत के 26 सूर्यकुंडों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम अपने बनवास के दौरान यहां एक रात्रि का विश्राम किया और प्रात: पिणंड बनाकर भगवान भुवन भास्कर की आराधना कर उन्हें अर्घ्य दिया। तभी से ये स्थान सूर्यकुंड नाम से विख्यात हुआ। इस दौरान शीतल कुमार मिश्रा, विशाल गुप्ता, रामचंद्र मौर्य आदि लोग उपस्थित रहे।