10 जून को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। भले ही यह ग्रहण देश के सिर्फ अरुणाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में दिखाई दे, लेकिन ज्योतिष के अनुसार ग्रहण दुनिया मे कहीं भी लगे इसका असर लोगों के जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए, नहीं तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को तो ग्रहण से विशेष सावधान रहना चाहिए। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
ग्रहण में बरतें ये सावधानी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण शब्द ही नकारात्मक है। ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण कहीं भी लगे, दिखाई दे या न दे, लेकिन उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने से बचें। भोजन न बनाएं। धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ न लगाएं। ग्रहण काल में सोना वर्जित माना जाता है। बालों में कंघी न करें। ग्रहण के समय दातुन न करें।
ग्रहण में गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानी
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान चाकू और कैंची का प्रयोग नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की घटना को देखने से भी बचना चाहिए। हो सके तो ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें। अगर आप ग्रहण देखती हैं तो गर्भ में पल रहे बच्चे को शारीरिक या मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।
ग्रहण और इसके बाद करें ये काम
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, ग्रहण के समय बिना भगवान को छुए मन में अपने ईष्ट देव की आराधना करें। ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। ग्रहण की समाप्ति के बाद घर की सफाई कर खुद भी स्नान कर स्वच्छ हो जाएं। स्नान के बाद आटा, चावल आदि खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दान करें।