सहजनवां-दोहरीघाट में भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। अधिगृहित होने वाले कुल 111 गांवों में से 109 गांव में भूमि अधिग्रहण के कागजात जमा कराए जा चुके हैं। रेलवे ने मुआवजे के लिए जिला प्रशासन को 50 करोड़ रुपये भी दे दिए हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के तीन साल के भीतर रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है।
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे की रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य महेंद्र सिंह ने जनवरी में हुई बैठक में सहजनवां-दोहरीघाट नई लाइन का मुद्दा उठाया था। इसका जवाब अब रेल प्रशासन ने लिखित तौर पर उन्हें दिया है। डॉ महेंद्र सिंह ने अपने सवाल में पूछा था कि इस बहुप्रतीक्षित लाइन परियोजना को वर्ष 2019-20 में ही स्वीकृति मिल चुकी थी, मगर अभी तक नई रेल लाइन नहीं बिछ सकी है।
रेलवे को इस परियोजना पर विशेष ध्यान देते हुए तय समय में पूरा करना चाहिए। डॉ सिंह के इस जवाब में रेलवे ने बताया है कि भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है। 102 गांव (करीब 483.78 हेक्टेयर) गोरखपुर और 7 गांव (करीब 43.22 हेक्टेयर) मऊ जिले में हैं। तेजी से अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण
सहजनवां-दोहरीघाट लाइन परियोजना पूर्ण होने से क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा व क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी होगा। रेल लाइन बनने से गोरखपुर से बनारस की दूरी कम हो जाएगी। साथ ही लखनऊ, बलिया, छपरा, दिल्ली समेत अन्य महानगरों के लिए भी सीधे रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।