गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में 551 किमी रेलवे ट्रैक पर स्वदेशी तकनीक से बने कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) लगाने के लिए कुल 108 टॉवर लगाए जाएंगे। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। गोरखपुर-बस्ती रेलखंड में 20 टाॅवर लगा दिए गए हैं। इसके लगने से इंजन के केबिन में ही लोको पायलट को आगे पड़ने वाले सिग्नल की जानकारी मिल जाएगी और अगर ट्रेन आमने-सामने आ गई तो स्वत: इमरजेंसी ब्रेक लग जाएगा।
रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे के 1,441 रूट किमी. पर कवच लगाने के लिए 492.21 करोड़ स्वीकृत किए हैं। पहले चरण में 551 किमी लंबाई में प्रमुख रेलमार्गों पर कवच लगाने का कार्य किया जाएगा। इसमें लखनऊ मंडल के सीतापुर सिटी-बुढ़वल जं., बुढ़वल जं.-गोरखपुर कैंट, मानक नगर-लखनऊ जं.-मल्हौर एवं बाराबंकी-बुढ़वल जं. तथा वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज खंड शामिल हैं।
कवच सिस्टम एक बहुत कॉम्प्लेक्स टेक्नोलॉजी है, जिसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम टावर, स्टेशन डेटा सेंटर, ट्रैक साइड इक्विपमेंट और ऑनबोर्ड लोकोमोटिव सिस्टम समेत पांच बड़े सब सिस्टम शामिल हैं।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इन खंडों पर 108 टावर लगाए जाएंगे, जिसका सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में मुख्य मार्ग छपरा-बाराबंकी में टॉवर लगाने का कार्य शुरू हो गया है।