गोरखपुर। कांवड़ यात्रा को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शासन के निर्देश पर शनिवार को सहजनवां रोड स्थित ढाबों, रेस्टोरेंट, ठेले, रेहड़ी और खाद्य दुकानों का निरीक्षण किया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में छह टीमें सक्रिय रहीं। अभियान के दौरान कुल 15 दुकानों की जांच की गई।
अधिकारियों ने दुकानदारों के लाइसेंस, खाद्य पंजीकरण, क्यूआर कोड और रेट सूची का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक दुकान पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर दुकानदारों के पंजीकरण और अन्य विवरण को जांचा गया।
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी ग्राहक को खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या सेवा को लेकर शिकायत होगी तो वह दुकान पर लगे क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिरों और प्रमुख कांवड़ मार्गों पर मीट और मछली की दुकानें नहीं खुलेंगी। किसी भी दुकानदार को खुले में मांसाहारी भोजन बेचने की अनुमति नहीं होगी। जिन प्रतिष्ठानों पर मांसाहारी भोजन परोसा जाता है, उन्हें अपने प्रतिष्ठान पर स्पष्ट रूप से नॉनवेज लिखना अनिवार्य होगा। साथ ही, कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानों में मांसाहारी सामग्री नहीं रखने की भी हिदायत दी गई।
बोले अधिकारी
शासन के निर्देशानुसार कांवड़ यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कांवड़ मार्गों पर खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान एक माह तक लगातार जारी रहेगा।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा